Highlights
- भारतीय टीम का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में औसत प्रदर्शन।
- शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव का लगातार खराब फॉर्म चिंता का विषय।
- चयनकर्ता अजित अगरकर और कोच गौतम गंभीर की नीतियों पर उठे सवाल।
- संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा को नजरअंदाज किया गया।
नई दिल्ली: शुभमन गिल (Shubman Gill) और सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) का खराब फॉर्म जारी है। चयनकर्ता अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) और हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं।
भारतीय टीम का औसत प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन औसत रहा है। पहले मैच में 101 रनों की शानदार जीत के बावजूद बल्लेबाजी की नींव कमजोर दिखी थी।
हार्दिक पांड्या के ताबड़तोड़ अर्धशतक ने टीम को मुसीबत से निकाला था। लेकिन दूसरे मैच में 51 रनों की करारी हार ने सारी कमियों को सामने ला दिया है।
गिल और सूर्या का खराब फॉर्म
सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव का लंबा फॉर्म ड्रॉप न सिर्फ व्यक्तिगत असफलता है, बल्कि पूरी टीम पर भारी पड़ रहा है। सूर्यकुमार यादव ने 2025 में 19 पारियों से कोई अर्धशतक नहीं लगाया है।
उनका औसत मात्र 14 का है। वहीं, शुभमन गिल का सूखा 17 पारियों से चल रहा है और उनका औसत 23.90 का है।
चयनकर्ताओं की नीतियों पर सवाल
एक समय था जब भारतीय टीम 250+ स्कोर आसानी से बना रही थी और टॉप-3 बल्लेबाजों ने सात शतक ठोके थे। लेकिन चयनकर्ता अजित अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर की नीतियों ने सब बिगाड़ दिया है।
एशिया कप 2025 से पहले संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा टॉप-3 में धमाल मचा रहे थे।
सैमसन, अभिषेक और तिलक का शानदार प्रदर्शन
एक साल में इन तीनों ने मिलकर सात शतक लगाए थे। संजू सैमसन ने ओपनिंग में बांग्लादेश के खिलाफ एक और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो शतक जड़े।
वह एक कैलेंडर ईयर में तीन अंतरराष्ट्रीय टी20 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। तिलक वर्मा ने नंबर-3 पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो शतक लगाए।
अभिषेक शर्मा ने जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के खिलाफ शतक ठोके थे।
गिल की जबरन एंट्री और सैमसन पर असर
एशिया कप 2025 के लिए अगरकर और गंभीर ने जबरन शुभमन गिल को वापस लाकर ओपनिंग स्लॉट और उपकप्तानी थमा दी। इससे संजू सैमसन को मिडिल ऑर्डर में धकेल दिया गया।
यह फैसला टीम के संतुलन और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
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