Highlights
- एसएमएस ट्रोमा सेंटर के पॉलीट्रोमा आइसीयू में पाइपलाइन लीकेज से भरा पानी।
- गंभीर स्थिति में भर्ती 14 मरीजों को आनन-फानन में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया।
- वेंटिलेटर और लाइफ सेविंग मशीनों के पास जलभराव से बड़े हादसे का था खतरा।
- स्टाफ की शिकायतों के बावजूद पीडब्ल्यूडी विंग ने समय रहते नहीं दिया ध्यान।
जयपुर | जयपुर के एसएमएस ट्रोमा सेंटर में सोमवार रात प्रशासन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ पॉलीट्रोमा आइसीयू में पाइपलाइन लीकेज होने से देखते ही देखते फर्श पर काफी पानी जमा हो गया।
मरीजों की जान पर बना संकट
कड़ाके की सर्दी के बीच आइसीयू में जलभराव होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हुई। वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी और जानलेवा साबित हो सकती थी।
अस्पताल प्रशासन ने स्थिति बेकाबू होते देख तत्काल प्रभाव से आइसीयू में भर्ती 14 मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। समय रहते उठाए गए इस कदम से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
हादसे की थी पूरी आशंका
आइसीयू का फर्श मेडिकेटेड शीट से ढका था जिसके नीचे पानी भरने से मशीनों में शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ गया था। यहाँ कई वेंटिलेटर और लाइफ सेविंग मशीनें बिजली के संपर्क में थीं।
अस्पताल स्टाफ के अनुसार उन्होंने पहले भी पीडब्ल्यूडी विंग में लीकेज की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने समय पर इस ओर ध्यान नहीं दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पीडब्ल्यूडी विंग के एमओआइसी डॉ आलोक तिवारी ने बताया कि लीकेज की समस्या का समाधान जल्द कर दिया जाएगा। फिलहाल मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
इस घटना के बाद मरीजों के परिजनों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। अस्पताल के बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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