कोटा | राजस्थान की कोटा पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो तकनीक का सहारा लेकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। यह गिरोह गूगल मैप के जरिए पॉश कॉलोनियों और बड़े बंगलों को अपना निशाना बनाता था।
गूगल मैप से चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार: कोटा पुलिस का बड़ा एक्शन: गूगल मैप से बंगले ढूंढकर चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश
कोटा पुलिस ने गूगल मैप के जरिए पॉश कॉलोनियों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा है और भारी मात्रा में जेवरात बरामद किए हैं।
HIGHLIGHTS
- पुलिस ने मास्टरमाइंड करण सिंह सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया। शातिर चोर गूगल मैप के जरिए बड़ी टाउनशिप और खाली बंगलों की पहचान कर वारदात करते थे। आरोपियों ने देश भर में करीब 33 चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस टीम ने 15 दिनों तक भेष बदलकर और 1500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से गिरोह को पकड़ा।
संबंधित खबरें
तकनीक का इस्तेमाल कर चोरी
पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड करण सिंह सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 133 ग्राम सोना और 781 ग्राम चांदी के साथ 30 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी गूगल मैप पर बड़ी टाउनशिप और रिहायशी इलाकों को सर्च करते थे। वे विशेष रूप से उन बड़े बंगलों को चुनते थे जो बाहर से देखने पर खाली नजर आते थे।
देशभर में 33 वारदातों को अंजाम
संबंधित खबरें
इस शातिर गिरोह ने अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 33 चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। राजस्थान के अलावा कई अन्य राज्यों में भी इनका नेटवर्क सक्रिय रूप से फैला हुआ था।
पिछले महीने कोटा में चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के मालिक के घर में हुई चोरी के बाद पुलिस काफी सक्रिय हुई। राजकुमार मित्तल और अशोक कुमार के घरों से भारी मात्रा में नकदी और जेवरात चोरी किए गए थे।
सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता
पुलिस ने इस जटिल मामले को सुलझाने के लिए लगभग 600 किलोमीटर के दायरे में लगे 1500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। एक संदिग्ध कार पर मध्य प्रदेश की नंबर प्लेट दिखने के बाद जांच की दिशा काफी स्पष्ट हो गई थी।
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को आरोपी कार और मुख्य अपराधियों की पहचान करने में बड़ी मदद मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की।
भेष बदलकर की गई रैकी
आरोपियों को पकड़ने के लिए कोटा पुलिस के जवानों ने अपनी पहचान बदलकर कई दिनों तक कठिन रैकी की। टीम के सदस्य फल-सब्जी विक्रेता, मैकेनिक और ढाबा कर्मचारी बनकर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
कोटा पुलिस की टीम ने धार, राजगढ़ और इंदौर समेत कई शहरों में छापेमारी की। पुलिसकर्मियों ने लगभग 15 दिनों तक अपनी पहचान छुपाकर अपराधियों के ठिकानों के आसपास डेरा डाले रखा था।
भगवान को भी चढ़ाया हिस्सा
जांच में एक दिलचस्प बात सामने आई कि चोरी करने के बाद आरोपी चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर गए थे। वहां उन्होंने अपनी चोरी की गई राशि का एक हिस्सा भगवान के चरणों में दान के रूप में अर्पित किया था।
मुख्य आरोपी करण भील को इंदौर में एक कार के साथ संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पकड़ा गया था। उसकी निशानदेही पर संजय, मानसिंह और महेंद्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ज्वेलर्स भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने न केवल चोरों को पकड़ा बल्कि चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स को भी धर-दबोचा है। फिलहाल सभी आरोपियों से पुलिस रिमांड में गहन पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य वारदातों का पता चल सके।
इस बड़ी सफलता से कोटा पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए अभी भी जांच जारी है।
ताज़ा खबरें
सनी देओल की नई फिल्म 'लखन' का बदला नाम, अब 'परशुराम' बनकर बॉक्स ऑफिस पर मचाएंगे जबरदस्त धमाल
क्या अब बैसरन घाटी नहीं जा सकते टूरिस्ट? जानें पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद कश्मीर के 'मिनी स्विट्जरलैंड' के क्या हैं जमीनी हालात
जालोर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी पलटी, एएसआई समेत दो पुलिसकर्मी घायल
महिला आरक्षण पर डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल का बड़ा हमला, कांग्रेस के 'षड्यंत्र' को किया बेनकाब