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माउंट आबू में तापमान -7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा।|जलाशयों और पोखरों पर जमी बर्फ की मोटी परतें।|सीजन की सबसे ठंडी सुबह ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड।|पर्यटकों ने अलाव और चाय के साथ लिया कड़ाके की ठंड का आनंद।
माउंट आबू | राजस्थान का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माउंट आबू इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। बसंत पंचमी के पश्चात जहां मैदानी इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं माउंट आबू में पारा लगातार गिरता जा रहा है। शनिवार की सुबह माउंट आबू वासियों के लिए सबसे ठंडी सुबह साबित हुई, क्योंकि यहां का न्यूनतम तापमान माइनस -7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह इस विंटर सीजन का सबसे कम तापमान है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है।

पहाड़ी क्षेत्र में ठंड का असर इतना व्यापक है कि प्राकृतिक जल स्रोत और कृत्रिम पोखर पूरी तरह से जम चुके हैं। सालगांव और चांदमारी फायरिंग रेंज के आसपास के इलाकों में घास के मैदानों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई नजर आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी के बर्तनों और खुले स्थानों पर रखे पानी के ऊपर बर्फ की मोटी-मोटी परतें जम गई हैं, जो आमतौर पर केवल डीप फ्रीजर में ही देखने को मिलती हैं। विजुअल्स में देखा जा सकता है कि बर्फ की मोटाई इतनी अधिक है कि उसे आसानी से हाथों में उठाया जा सकता है।

कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग सूरज निकलने के काफी देर बाद तक अलाव के सहारे बैठे दिखाई देते हैं। बाजार भी देरी से खुल रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

दूसरी ओर, इस हाड़ कंपाने वाली ठंड का अनुभव करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी माउंट आबू पहुंचे हुए हैं। दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे महानगरों से आए सैलानियों के लिए यह मौसम किसी अजूबे से कम नहीं है। पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने राजस्थान में इस तरह की कड़ाके की ठंड की उम्मीद नहीं की थी। गर्म कपड़ों और जैकेटों में लिपटे पर्यटक नक्की झील के आसपास और अन्य पर्यटन स्थलों पर चाय की चुस्कियों के साथ इस बर्फीले मौसम का आनंद ले रहे हैं। पर्यटकों के अनुसार, माउंट आबू का यह रूप उन्हें हिमालय की वादियों का अहसास करा रहा है। हालांकि, सर्द हवाओं के कारण लोगों को काफी असहजता भी हो रही है, लेकिन प्रकृति का यह नजारा उनके लिए यादगार बन गया है।

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