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माली समाज ने तेजराज सोलंकी पर एफआईआर को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया।, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के खिलाफ समाज में भारी आक्रोश देखा गया।, प्रतिनिधिमंडल ने निष्पक्ष जांच और एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। भाजपा के युवा नेता तेजराज सोलंकी के खिलाफ हाल ही में दर्ज हुई एफआईआर ने माली समाज को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। सिरोही स्थित माली समाज छात्रावास में समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर इस कार्रवाई के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। समाज का आरोप है कि यह पूरी एफआईआर राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के इशारे पर दर्ज की गई है और यह पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित है।
प्रदर्शन के दौरान समाज के वक्ताओं ने कहा कि तेजराज सोलंकी जनता की समस्याओं को मुखरता से उठाते रहे हैं, और उनकी इसी बढ़ती लोकप्रियता और जनसेवा से घबराकर राजनीतिक विरोधियों ने यह षड्यंत्र रचा है। समाज के लोगों ने इसे कानून की प्रक्रिया का खुला दुरुपयोग बताया और कहा कि किसी भी सूरत में समाज के नेता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के बाद समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस अधीक्षक के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि तेजराज सोलंकी के विरुद्ध दर्ज मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। समाज ने स्पष्ट किया कि यदि एफआईआर को तत्काल निरस्त नहीं किया गया और अनुचित कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो जिलेभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं की भारी उपस्थिति ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। समाज ने एक स्वर में न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यह लड़ाई अब केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज के सम्मान की है। राजनीतिक दबाव के आगे झुकने के बजाय समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी दिनों में सिरोही की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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