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राजस्थान

परियोजना निदेशक ने दिये निर्देश: चुनिंदा शहर बनेंगे आरयूआईडीपी के मॉडल टाऊन्स

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विजय ने शोधित जल के पुर्नउपयोग पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिये ताकि शहरी सीवरेज योजनायें सफल हो

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HIGHLIGHTS

  • समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक ने तृतीय चरण के शेष कार्यो को शीघ्र पूर्ण करने तथा चतुर्थ चरण के कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये और पूर्ण हुए कार्यो से आमजन को मिलने वाले लाभों, कार्यो की उपयोगिता और संचालन एवं संधारण के दौरान आ रही चुनौतियों पर चर्चा की
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जयपुर । एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) द्वारा किये जा रहे शहरी विकास कार्यो की विस्तृत समीक्षा शुक्रवार को परियोजना निदेशक राजेन्द्र विजय ने की। इस बैठक में विजय ने परियोजना कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर आमजन को लाभ दिलाने के निर्देश दिये।

 विजय ने कुछ छोटे और मध्यम श्रेणी के शहरों को सीवरेज के शोधित जल के पुर्नउपयोग के लिहाज से मॉडल टाउन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये और कहा कि इन शहरों को बेस्ट प्रेक्टिसेज या उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जाये जिससे कि अन्य परियोजना शहरों में इनका अनुकरण किया जा सके।


विजय द्वारा ली गई मैराथन समीक्षा बैठक में पीएमयू के अधिकारियों, तृतीय व चतुर्थ चरण के परियोजना शहरों में स्थित पीआईयू के अभियन्ताओं, सलाहकारी फर्मो के विशेषज्ञों तथा संवेदकों के परियोजना प्रबंधक और साईट इंजीनियर्स ने भाग लिया।

समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक ने तृतीय चरण के शेष कार्यो को शीघ्र पूर्ण करने तथा चतुर्थ चरण के कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये और पूर्ण हुए कार्यो से आमजन को मिलने वाले लाभों, कार्यो की उपयोगिता और संचालन एवं संधारण के दौरान आ रही चुनौतियों पर चर्चा की।

विजय ने शोधित जल के पुर्नउपयोग पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिये ताकि शहरी सीवरेज योजनायें सफल हो। उन्होंने केपीआई या आफिसर बेस्ड रिव्यू पर जोर दिया ताकि परियोजना में बेहतर आउटपुट प्राप्त किया जा सके। 


परियोजना निदेशक ने अधिकारियों एवं सलाहकारी विशेषज्ञों के फील्ड विजिट बढाने के और फील्ड अधिकारियों को अंतर - विभागीय विषयों को प्रमुखता से सुलझानें के निर्देश दिये। उन्होंने परियोजना में मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन और थर्ड पार्टी निरीक्षण को बेहतर तथा उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया। 

इस अवसर पर अतिरिक्त परियोजना निदेशक (प्रथम) डी.के. मीना व अतिरिक्त परियोजना निदेशक (द्वितीय) ड़ा. हेमन्त कुमार शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तकनीकी जानकारियां दी।  

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