Highlights
12 जिलों में बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आएगा बड़ा बदलाव। जयपुर और कोटा में छाए बादल, तापमान में उतार-चढ़ाव जारी।
जयपुर | राजस्थान में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के 12 जिलों में आज और कल मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर और अजमेर संभागों में घने बादल छाए रहने के साथ-साथ तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की प्रबल संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा व्यापक असर
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने जानकारी दी कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के वायुमंडल पर सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों में 31 जनवरी और 1 फरवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है, जिसके लिए विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और सर्दी से राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को कड़ाके की सर्दी से मामूली राहत मिली है। कोटा में न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री की बड़ी वृद्धि देखी गई, जहां पारा 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, जोधपुर, जालौर, पाली और बाड़मेर जैसे पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है। सर्द हवाओं की गति धीमी होने से दिन में तेज धूप ने राहत पहुंचाई है, लेकिन आने वाली बारिश फिर से ठिठुरन बढ़ा सकती है।
इन जिलों में रहेगा अलर्ट और सावधानी
मौसम विभाग ने जयपुर, सीकर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। शनिवार सुबह से ही जयपुर और कोटा में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। सिरोही में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं, पाली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने का खतरा है। प्रशासन ने आमजन को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है। आगामी 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम का यह बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
राजनीति