शिवगंज पट्टा घोटाला: लोढ़ा पर सोलंकी के आरोप: शिवगंज में 187 पट्टे रद्द: सोलंकी ने लोढ़ा व कांग्रेस बोर्ड पर लगाए गंभीर आरोप

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Highlights

  • पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और कांग्रेस बोर्ड पर गंभीर आरोप।
  • शिवगंज में 187 पट्टों को बिना नोटिस रद्द किया गया।
  • पट्टा धारकों को आज तक रद्द होने की जानकारी नहीं।
  • राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग।

शिवगंज: भाजपा जिला प्रवक्ता राजेंद्र सोलंकी (BJP District Spokesperson Rajendra Solanki) ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा (Former MLA Sanyam Lodha) और तत्कालीन कांग्रेस बोर्ड पर शिवगंज (Shivganj) में 187 पट्टों को अवैध रूप से रद्द कर जनता से धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है।

सोलंकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बोर्ड के कार्यकाल में आमजन से लाखों रुपए लेकर बनाए गए 187 पट्टों को राजनीतिक दबाव में अवैध रूप से रद्द कर जनता के साथ बड़ा धोखा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान कच्ची बस्ती नियमन, स्टेट ग्रांट एक्ट और खांचा भूमि के अंतर्गत शिवगंज क्षेत्र में ये पट्टे विधिवत रूप से जारी किए गए थे।

बिना नोटिस रद्द किए गए पट्टे

भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि आवेदकों से विधिवत शुल्क लेकर पट्टे बनाए जाने के बावजूद, 16 अगस्त 2023 को पूर्व विधायक लोढ़ा के कथित इशारे पर एंपावर्ड कमेटी की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में इन सभी 187 पट्टों को बिना किसी पूर्व नोटिस, बिना सुनवाई का अवसर दिए और बिना कोई ठोस कारण बताए एकतरफा रूप से खारिज कर दिया गया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों के अनुसार किसी भी पट्टे को रद्द करने से पहले संबंधित व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से नोटिस देना और उनकी बात सुनना आवश्यक होता है। परंतु पालिका प्रशासन ने न तो कोई नोटिस जारी किया और न ही किसी प्रभावित व्यक्ति की सुनवाई की, जो कानूनी प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है।

पंजीयन विभाग को भी नहीं दी सूचना

सोलंकी ने आगे कहा कि पट्टे खारिज होने के बाद भी नियमानुसार पंजीयन विभाग को इसकी सूचना नहीं भेजी गई। इस गंभीर लापरवाही के कारण, जिन लोगों के पट्टे रद्द हुए हैं, उन्हें आज तक आधिकारिक तौर पर उनके पट्टे रद्द होने की जानकारी भी नहीं है, जिससे वे अनिश्चितता की स्थिति में हैं।

बैंक लोन और नाड़ी भूमि पर पट्टे का मामला

सोलंकी ने बताया कि कई आवेदक इन जारी किए गए पट्टों के आधार पर विभिन्न बैंकों से लोन लेकर अपने मकानों का निर्माण कार्य पूरा कर चुके हैं। पट्टे रद्द होने से अब उनके सामने न केवल कानूनी बल्कि गंभीर वित्तीय संकट भी खड़ा हो गया है, क्योंकि उनके लोन की वैधता पर सवाल उठ गए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में तो कथित रूप से नाड़ी की जमीन पर भी पैसों के लेनदेन के आधार पर पट्टे जारी कर दिए गए थे। यह स्थिति पूरे प्रकरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

जनता के धन का दुरुपयोग

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण आम जनता के अधिकारों का खुला हनन है और उनके साथ किया गया एक बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बोर्ड ने जनता से वसूले गए इस धन का उपयोग पूर्व विधायक के निर्देश पर विभिन्न बड़े आयोजनों में कर दिया, जबकि इसका उपयोग जनहित में होना चाहिए था।

उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सोलंकी ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बोर्ड के कार्यकाल के दौरान हुई इस कथित धोखाधड़ी के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि प्रभावित जनता को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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