चांदी का नया रिकॉर्ड: चांदी ₹2.46 लाख के ऑल टाइम हाई पर: आज ₹2,894 महंगी हुई, सोना ₹45 कम होकर ₹1.37 लाख हुआ

चांदी ₹2.46 लाख के ऑल टाइम हाई पर: आज ₹2,894 महंगी हुई, सोना ₹45 कम होकर ₹1.37 लाख हुआ
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Highlights

  • चांदी ₹2,894 की बढ़त के साथ ₹2,46,044 के ऑल टाइम हाई पर पहुंची।
  • सोने के दाम में ₹45 की मामूली गिरावट, भाव ₹1,36,615 प्रति 10 ग्राम हुआ।
  • साल 2025 में चांदी ने 167 प्रतिशत और सोने ने 75 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
  • इंडस्ट्रियल डिमांड और ट्रंप टैरिफ के डर से चांदी की कीमतों में तेजी जारी है।

नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में आज चांदी की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार चांदी आज ₹2,894 महंगी होकर ₹2,46,044 प्रति किलो पर पहुंच गई है। इससे पहले कल चांदी का भाव ₹2,43,150 पर दर्ज किया गया था। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में आज मामूली गिरावट देखी गई है।

सोने और चांदी के ताजा भाव

आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹45 गिरकर ₹1,36,615 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले सोने की कीमत ₹1,36,660 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। सोना अभी अपने ऑल टाइम हाई से थोड़ा नीचे कारोबार कर रहा है। सोने ने 29 दिसंबर 2025 को ₹1,38,161 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

साल 2025 में मिला ऐतिहासिक रिटर्न

पिछले साल सोने और चांदी दोनों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। साल 2025 के दौरान सोने की कीमत में ₹57,033 यानी करीब 75 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई थी। दिसंबर 2024 में सोना ₹76,162 पर था जो दिसंबर 2025 के अंत तक ₹1,33,195 हो गया। इसी अवधि में चांदी की कीमतों में ₹1,44,403 का जबरदस्त उछाल आया। चांदी ने एक साल में लगभग 167 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। दिसंबर 2024 में ₹86,017 पर बिकने वाली चांदी 2025 के आखिरी दिन तक ₹2,30,420 पर पहुंच गई थी।

सोने की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह

सोने के दाम बढ़ने का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना माना जा रहा है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और वैश्विक तनाव ने भी निवेशकों को सोने की तरफ आकर्षित किया है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक विशेषकर चीन का रिजर्व बैंक लगातार भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। चीन ने सालभर में 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊपर जा रही हैं।

चांदी में भारी उछाल के मुख्य कारण

चांदी की मांग अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रही बल्कि यह एक जरूरी कच्चा माल बन गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लागू करने के डर से कंपनियां पहले ही चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं। वैश्विक सप्लाई में कमी और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड ने कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। मैन्युफैक्चरर्स के बीच चांदी खरीदने की होड़ मची है जिससे आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।

भविष्य के लिए क्या है विशेषज्ञों का अनुमान

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में तेजी का यह सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार चांदी की डिमांड में अभी और तेजी आने का अनुमान है। उनके मुताबिक चांदी इस साल ₹2.75 लाख के स्तर तक जा सकती है। वहीं सोने की मांग में भी मजबूती बनी रहने के आसार हैं। अनुमान है कि साल के अंत तक सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है।

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