Highlights
- सिरोही के आमलारी में प्रतिष्ठा महोत्सव की भजन संध्या में दिखे दोनों नेता।
- रामझरोखा मंदिर पट्टा विवाद को लेकर लंबे समय से चल रही है खींचतान।
- मंच पर संयम लोढ़ा ने मंत्री देवासी और सांसद लुंबाराम से मिलाया हाथ।
- राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच धार्मिक मंच पर साथ बैठने की रही चर्चा।
सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां उस समय चर्चा का विषय बन गईं जब रामझरोखा मंदिर विवाद के धुर विरोधी नेता एक ही मंच पर नजर आए। शनिवार रात आमलारी में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव की भजन संध्या के दौरान राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा एक साथ बैठे दिखे।

औपचारिकता का हाथ मिलाया
मंच पर सांसद लुंबाराम चौधरी के साथ मंत्री देवासी पहले से मौजूद थे। जब पूर्व विधायक संयम लोढ़ा वहां पहुंचे तो उन्होंने शिष्टाचार के नाते पहले सांसद और फिर मंत्री देवासी से हाथ मिलाया। हालांकि यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता तक ही सीमित रही क्योंकि पूरे कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी भी प्रकार का सीधा संवाद नहीं हुआ।

विवादों का साया
ज्ञात रहे कि शहर के बहुचर्चित रामझरोखा मंदिर की जमीन के पट्टे को लेकर संयम लोढ़ा ने मंत्री देवासी और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस विवाद ने जिले की राजनीति में काफी उबाल पैदा किया था और दोनों ओर से तीखी बयानबाजी हुई थी। इस मामले में मंत्री देवासी ने अधिकतर समय चुप्पी साधे रखी थी लेकिन राजनीतिक हमले जारी रहे।
धार्मिक मंच की गरिमा
वीडियो फुटेज में देखा गया कि मंत्री देवासी ने स्वयं लोढ़ा को सांसद के बगल में बैठने का इशारा किया। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सार्वजनिक जीवन में वैचारिक मतभेद होने के बावजूद धार्मिक आयोजनों में नेताओं को एक साथ देखना क्षेत्र की परंपरा का हिस्सा है। भले ही इन्होंने हाथ मिलाया हो लेकिन उनके मन के भेद अभी भी बरकरार नजर आ रहे हैं।

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