thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

देवासी और लोढ़ा एक मंच पर: सिरोही: रामझरोखा विवाद के बाद मंत्री देवासी और संयम लोढ़ा एक मंच पर, हाथ मिलाया पर दूरियां बरकरार

thinQ360

सिरोही के रामझरोखा मंदिर विवाद के बाद मंत्री ओटाराम देवासी और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा आमलारी में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक ही मंच पर नजर आए।

HIGHLIGHTS

  • सिरोही के आमलारी में प्रतिष्ठा महोत्सव की भजन संध्या में दिखे दोनों नेता। रामझरोखा मंदिर पट्टा विवाद को लेकर लंबे समय से चल रही है खींचतान। मंच पर संयम लोढ़ा ने मंत्री देवासी और सांसद लुंबाराम से मिलाया हाथ। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच धार्मिक मंच पर साथ बैठने की रही चर्चा।
sirohi minister dewasi and sanyam lodha on same stage after controversy
देवासी और लोढ़ा एक मंच पर

सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां उस समय चर्चा का विषय बन गईं जब रामझरोखा मंदिर विवाद के धुर विरोधी नेता एक ही मंच पर नजर आए। शनिवार रात आमलारी में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव की भजन संध्या के दौरान राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा एक साथ बैठे दिखे।

औपचारिकता का हाथ मिलाया

मंच पर सांसद लुंबाराम चौधरी के साथ मंत्री देवासी पहले से मौजूद थे। जब पूर्व विधायक संयम लोढ़ा वहां पहुंचे तो उन्होंने शिष्टाचार के नाते पहले सांसद और फिर मंत्री देवासी से हाथ मिलाया। हालांकि यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता तक ही सीमित रही क्योंकि पूरे कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी भी प्रकार का सीधा संवाद नहीं हुआ।

विवादों का साया

ज्ञात रहे कि शहर के बहुचर्चित रामझरोखा मंदिर की जमीन के पट्टे को लेकर संयम लोढ़ा ने मंत्री देवासी और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस विवाद ने जिले की राजनीति में काफी उबाल पैदा किया था और दोनों ओर से तीखी बयानबाजी हुई थी। इस मामले में मंत्री देवासी ने अधिकतर समय चुप्पी साधे रखी थी लेकिन राजनीतिक हमले जारी रहे।

धार्मिक मंच की गरिमा

वीडियो फुटेज में देखा गया कि मंत्री देवासी ने स्वयं लोढ़ा को सांसद के बगल में बैठने का इशारा किया। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सार्वजनिक जीवन में वैचारिक मतभेद होने के बावजूद धार्मिक आयोजनों में नेताओं को एक साथ देखना क्षेत्र की परंपरा का हिस्सा है। भले ही इन्होंने हाथ मिलाया हो लेकिन उनके मन के भेद अभी भी बरकरार नजर आ रहे हैं।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें