मिलावट: नामी कंपनियों के मसाले मिले अनसेफ- अनसेफ मसालों को किया जाएगा सीज

नामी कंपनियों के मसाले मिले अनसेफ- अनसेफ मसालों को किया जाएगा सीज
मिलावट के खिलाफ अभियान
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Highlights

प्रदेश में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है

अनसेफ मसालों को तत्काल प्रभाव से सीज किए जाने के निर्देश दिए

अभियान के तहत नामी कम्पनियों सहित विभिन्न कम्पनियों के मसालों के प्रदेशभर में कुल 93 नमूने लिए गए।

जयपुर। मुख्यमंत्री (CM) भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से प्रदेश में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत की गई प्रभावी कार्रवाई में देश की नामी मसाला कम्पनियों (Renowned spice companies) के उत्पाद अनसेफ (unsafe) पाए गए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इन कम्पनियों के विरूद्ध भारतीय खाद्य सुरक्षा (indian food security) एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा इन अनसेफ (unsafe) मसालों को तत्काल प्रभाव से सीज (siege) किए जाने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में मसालों के सैम्पल (sample) लेने के लिए 8 मई, 2024 को विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत नामी कम्पनियों सहित विभिन्न कम्पनियों के मसालों के प्रदेशभर में कुल 93 नमूने लिए गए।

राज्य केंद्रीय जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार कुछ नमूनों में कीटनाशक (pesticide) एवं इनसेक्टीसाइड (insecticide) की मात्रा काफी अधिक पाई गई।

कार्रवाई के लिए भारत सरकार एवं गुजरात व हरियाणा को लिखा पत्र

सिंह ने बताया कि राज्य के सभी अभिहीत अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखकर अनसेफ (Unsafe) पाए गए मसालों को सीज करने के निर्देश दिए हैं।

एमडीएच (MDH) मसालों की निर्माण इकाई हरियाणा में होने, एवरेस्ट (Everest) एवं गजानंद मसालों की निर्माण इकाई गुजरात में होने के कारण वहां के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

साथ ही, भारतीय खाद्य सुरक्षा (indian food security) एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी इन मामलों में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

निर्धारित मात्रा से ज्यादा मिला पेस्टीसाइड

खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि जांच में एमडीएच (MDH), एवरेस्ट, गजानंद, श्याम, शीबा ताजा जैसी नामी कम्पनियों के मसाले अनसेफ (Unsafe) पाए गए हैं।

एमडीएच कंपनी के गरम मसाला में एसिटामिप्रिड, थियामेथोक्साम, इमिडाक्लोप्रिड, सब्जी मसाला एवं चना मसाला में ट्राईसाइलाजोन, प्रोफिनोफोस, श्याम कंपनी के गरम मसाला में एसिटामिप्रिड, शीबा ताजा कंपनी के रायता मसाला में थियामेथोक्साम एवं एसिटामिप्रिड, गजानंद कंपनी के अचार मसाला में इथियोन तथा एवरेस्ट कंपनी के जीरा मसाला में एजोक्सीस्ट्रोबिन (azoxystrobin) व थियामेथोक्साम पेस्टीसाइड/इनसेक्टीसाइड निर्धारित मात्रा से काफी अधिक पाए गए, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।

अन्य मसालों के भी लिए जाएंगे नमूने

खान ने बताया कि इन कंपनियों के अन्य मसालों तथा अनसेफ बैच (unsafe batch) के अन्य बैचों के भी नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन ब्रांड के मसालों के संबंधित लॉट या बैच को निर्माता, सी एण्ड एफ (C&F), डिस्ट्रीब्यूटर एवं हॉलसेलर के यहां से तत्काल प्रभाव से सीज किए जाने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही इन ब्रांड के अन्य मसाला एवं मसाला पाउडर के सैम्पल (sample) लेने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए हरियाणा एवं गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को भी पत्र लिखा गया है।

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