Rajasthan: जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश के आधार पर होते हैं सीएसआर के कार्य- उर्जा राज्यमंत्री

Ad

Highlights

इससे पहले विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि बारां जिले में छबडा़ तापीय विद्युतगृह इकाई 250-250 मेगावाट की 4 इकाईयां तथा छबडा़ सुपरक्रिटिकल तापीय विद्युत परियोजना की 660-660 मेगावाट की 2 इकाइयाँ स्‍थापित है।

जयपुर | उर्जा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) हीरालाल नागर ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिश पर ही सीएसआर(कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के कार्य करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय सांसद व विधायक भी इस समिति के सदस्य होते हैं।

उर्जा राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस सम्बन्ध में सदस्य द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न पर जवाब दे रहे थे।

इससे पहले विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि बारां जिले में छबडा़ तापीय विद्युतगृह इकाई 250-250 मेगावाट की 4 इकाईयां तथा छबडा़ सुपरक्रिटिकल तापीय विद्युत परियोजना की 660-660 मेगावाट की 2 इकाइयाँ स्‍थापित है।

नागर ने बताया कि विद्युतगृहों के अन्‍तर्गत जनवरी, 2019 से दिसम्‍बर, 2023 तक सीएसआर के अन्‍तर्गत कुल 1301.75 लाख रुपए के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। उन्होंने स्वीकृत कार्यों का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा।  

Must Read: 15 प्रत्याशियों का खुलासा, वसुंधरा राजे के समर्थक प्रहलाद गुंजल को भी टिकट, इन सीटों पर ये नेता मार गए बाजी

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :