भाजपा में हाशिये पर पूर्व कांग्रेसी, क्या होगी घर वापसी?: राजस्थान भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेसी नेताओं का भविष्य अधर में, घर वापसी की सुगबुगाहट तेज

राजस्थान भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेसी नेताओं का भविष्य अधर में, घर वापसी की सुगबुगाहट तेज
Ad

Highlights

  • ज्योति खंडेलवाल को प्रदेश टीम में नहीं मिली जगह
  • लालचंद कटारिया और राजेंद्र यादव को बड़ी जिम्मेदारी का इंतजार
  • महेंद्रजीत सिंह मालवीया की वापसी ने बढ़ाई हलचल।

जयपुर | राजस्थान की राजनीति में दलबदल का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी भाजपा में शामिल हुए कई दिग्गज नेता इन दिनों एक बड़ी राजनीतिक उलझन का सामना कर रहे हैं। पार्टी और सरकार में अपेक्षित पद या संगठनात्मक जिम्मेदारी न मिलने के कारण इन नेताओं का राजनीतिक भविष्य फिलहाल अधर में नजर आ रहा है। जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल ने 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा की सदस्यता ली थी।

कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण पद मिलेगा, लेकिन स्थानीय महिला नेताओं के कड़े विरोध और कुछ विवादों के चलते फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है। इसी तरह, पूर्व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया और राजेंद्र यादव जैसे कद्दावर नेता भी भाजपा में हाशिये पर नजर आ रहे हैं।

राजेंद्र यादव के मामले में मिड-डे मील घोटाले के आरोपों ने उनकी स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। हाल ही में महेंद्रजीत सिंह मालवीया के पुनः कांग्रेस में लौटने के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। मालवीया की घर वापसी ने उन अन्य नेताओं के लिए भी दरवाजे खोल दिए हैं जो भाजपा में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की अनुशासन समिति अब इन नेताओं के मामलों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

हालांकि, अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान द्वारा ही लिया जाएगा, लेकिन भाजपा में उपेक्षित महसूस कर रहे इन नेताओं की बेचैनी ने राजस्थान की सियासत में घर वापसी के मुद्दे को गर्मा दिया है।

Must Read: चुनावी साल में कांग्रेस को डरा रही बगावत

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :