सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का शुभारंभ: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के दुर्गा रूपी हाथ किसी भी कंपनी के उत्पादों को पछाड़ देंगे —कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के दुर्गा रूपी हाथ किसी भी कंपनी के उत्पादों को पछाड़ देंगे —कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री
सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का शुभारंभ
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कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री ने कहा कि सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में बने उत्पाद दुर्गा शक्ति के हाथ से बने वह सामान है जो किसी भी कंपनी के बने उत्पाद को पछाड़ सकते हैं

जयपुर । राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका), ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 8 से 18 मार्च तक सवाई माधोपुर स्थित इन्दिरा मैदान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सरस क्राफ्ट मेला-2024 का शुभारम्भ कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने फीता काटकर किया।

कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री ने कहा कि सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में बने उत्पाद दुर्गा शक्ति के हाथ से बने वह सामान है जो किसी भी कंपनी के बने उत्पाद को पछाड़ सकते हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार की प्रबल इच्छा है कि गांव में रहने वाली महिलाएं अपने हुनर का प्रदर्शन करें अपने स्वयं के उत्पादों से समृद्धि प्राप्त कर स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर बने।

डॉ. किरोड़ी लाल मीना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि वे 21 राज्यों के उत्पादों का निरीक्षण कर उनसे इस कला को सीखे और सवाई माधोपुर की महिलाओं को भी यह हुनर सीखकर यहां पर भी इसी प्रकार के उत्पादों का निर्माण कर यहां की महिलाओं को भी सशक्त करें। इस दौरान उन्होंने राजीविका के 23 सीएलएफ निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।

इस दौरान कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री ने मेले में सजाई गई विभिन्न स्टाल्स पर जाकर प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया एवं महिला सदस्यों से उत्पादों के बारे में संवाद किया।

इस शुभ अवसर पर माननीय मंत्री के साथ विभाग के अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण शामिल हुए, माह मार्च में आयोजित होने वाले इस सरस मेले में शरद ऋतु एवं बसंत ऋतु का सामंजस भरा वातावरण देखने को मिलता है, लोगों के द्वारा इस मेले में ग्रामीण उत्पादों के लिए खासा उत्साह देखा जा रहा है। फूड कोर्ट में विभिन्न राज्यों की महिलाओं द्वारा अपने-अपने राज्यों के विशेष स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा रहे है, जिसका लुत्फ़ आने वाले आगंतुक बड़े शौक से उठाते हैं।

सौन्दर्यता से ओत-प्रोत भिन्न-भिन्न राज्यों की संस्कृति, परिधान, भाषा एवं पारंपरिक उत्पाद जैसे ब्लैक पॉटरी, कोटा डोरिया, लाख की चूड़ियां, लहसुन चटनी, अचार, नमकीन, पापड़, ब्लू पॉटरी, जूट के उत्पाद, सांगानेरी प्रिंट, केर सांगरी, कसूरी मेथी, पेपर प्रोडक्ट, सॉफ्ट टॉयज, एवं राजस्थानी जूतियां मुख्य रूप से राजस्थानी स्टॉल्स पर आकर्षण का केंद्र है।

ठीक उसी प्रकार से उत्तर प्रदेश से बनारसी साड़ियां, मध्य प्रदेश से हल्दी एवं शहद प्रोडक्ट, बिहार की लहठी चूड़ियां, सीप ज्वेलरी, नागालैंड से टोकरियां एवं जेवरात, पंजाब से फुलकारी, उत्तराखंड से ऊनी वस्त्र, महाराष्ट्र की नागपुरी साड़ियाँ, एवं शीप से बने उत्पाद को एक मंच पर देखना अत्यंत मोहक लग रहा है।

मेघावी छात्राओं को किया स्कूटी वितरण:- कृषि उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देवनारायण योजना एवं कालीबाई भील स्कूटी योजना के तहत मेधावी छात्राओं को प्रतिकात्मक रूप से 11 स्कूटियों का वितरण किया।

इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलक्टर जीतेन्द्र सिंह नरूका, एसडीएम सवाई माधोपुर अनिल चौधरी सहित संबंधित अधिकारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं आमजन उपस्थित रहे।

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