RSRDC: RSRDC के 2 प्रोजेक्ट डायरेक्टर व एक सेवानिवृत्त सहायक लेखाधिकारी को ACB ने किया गिरफ्तार

RSRDC के 2 प्रोजेक्ट डायरेक्टर व एक सेवानिवृत्त सहायक लेखाधिकारी को ACB ने किया गिरफ्तार
घूस देते व लेते गिरफ्तार
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Highlights

 महेश चंद गुप्ता को 1.20 लाख रुपए की रिश्वत देते व लेते गिरफ्तार किया

आरएसआरडीसी में ठेकेदारों को बजट राशि बढ़ाने के बदले में मोटी घूस ली  

सियाराम चन्द्रावत के आवास पर 32 लाख रुपए से अधिक बरामद किए |

जयपुर | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राजस्थान राज्य विकास निगम (RSRDC) में सड़क, टोल, भवन व अन्य निर्माण कार्यों के बदले चल रहे घूस के खेल का पर्दाफाश किया है। एसीबी ने दो प्रोजेक्ट डायरेक्टर व एक सेवानिवृत्त (संविदाकर्मी) सहायक लेखाधिकारी को 1.20 लाख रुपए की घूस देते व लेते गिरफ्तार किया।

डीजी (DG) डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि झालाना स्थित RSRDC मुख्यालय में सोमवार दोपहर को धौलपुर के अधिशासी अभियंता एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर सियराम चन्द्रावत, भरतपुर के अधिशासी अभियंता एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह को सेवानिवृत्त सहायक लेखाधिकारी हाल सलाहकार मुख्य प्रबंधक (RSRDC) महेश चंद गुप्ता को 1.20 लाख रुपए की रिश्वत देते व लेते गिरफ्तार किया।

आरोपियों के घर व अन्य ठिकानों से सर्च में करीब 1.25 करोड़ रुपए और बरामद हुए। रात तक सर्च जारी थी। उन्होंने बताया कि एसीबी (ACB) को सूचना मिली थी कि RSRDC में ठेकेदारों को बजट राशि बढ़ाने के बदले में मोटी घूस ली जा रही है। 

करीब दो माह से एसीबी (ACB) की टीमें कर रहीं थी निगरानी

करीब दो माह से एसीबी की अलग-अलग टीमें RSRDC के अधिकारियों व इनसे जुड़े लोगों की निगरानी कर रही थी। दो माह में आरोपी कई बार घूस की रकम देने जयपुर आए, लेकिन मंगलवार को एसीबी (ACB) की टीम ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के समय प्रबंध निदेशक सुधीर माथुर दफ्तर में नहीं थे।

एसीबी (ACB) टीमें सुधीर माथुर सहित अन्य आरोपियों के जयपुर, भरतपुर, धौलपुर व सीकर में आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर सर्च कर रही है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर धौलपुर व भरतपुर से जयपुर घूस की रकम देने आए थे और एसीबी (ACB) की टीम दोनों का धौलपुर व भरतपुर से पीछा कर रही थी। 

चालक को बुलाकर रकम कार में रखवाई, एक नहीं, सभी कमरों में बैठता

दोनों प्रोजेक्ट डायरेक्टर RSRDC मुख्यालय पहुंचे और यहां पर आरोपी महेश चंद गुप्ता को घूस के 1.20 लाख रुपए दिए। तभी गुप्ता ने अपने निजी चालक को बुलाकर रकम दी और उसे कार में रखने के लिए भेज दिया। चालक रकम को कार में रख रहा था, तभी एसीबी की टीम ने आरोपियों को पकड़ लिया। इस संबंध में चालक से भी पूछताछ की जा रही है।

आरोपियों के पास से मौके पर 1.11 लाख रुपए और बरामद किए। RSRDC के कर्मचारियों ने बताया कि संविदा पर लगे महेश चंद गुप्ता का यहां ठिकाना एक कमरा नहीं था। वह जब चाहे किसी भी कमरे में जाकर बैठ जाता था। 

तीन को हिरासत में ले रखा

एसीबी (ACB) ने सीकर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बाबूलाल सहित दो अन्य कार्मिकों को हिरासत में लिया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। इनकी भूमिका मिलने पर गिरफ्तारी हो सकती है। तिजौरी, लॉकर व नोट गिनने की मशीन मिली |

आरोपी महेश चंद गुप्ता के जगतपुरा आवास पर एसीबी (ACB) की टीम ने सर्च किया। एसीबी को यहां पर तिजौरी व लॉकर नोटों की गड्डियों से भरे मिले। नोट गिनने की मशीन भी मिली। गुप्ता के घर पर रात तक 92 लाख रुपए की गिनती की जा चुकी थी।

वहीं सियाराम चन्द्रावत के आवास पर 32 लाख रुपए से अधिक बरामद किए गए। लिफाफा, बैग व अन्य कई जगह रुपए रखे मिले।

लाखों रुपए कीमत के मिले जेवर

एसीबी (ACB) ने आरोपी महेश चंद गुप्ता के आवास पर लाखों रुपए की कीमत के जेवर मिले। एसीबी को सोने-चांदी के जेवरों को तराजु से तोलना पड़ा। 

टोल नाकों के नाम पर चल रहा बड़ा घोटाला

सीकर निवासी ताराचंद सैनी आरएसआरडीसी में ठेकेदारी करता था। उसने एसीबी (ACB) टीम को भी बताया कि राजस्थान के कई जगह संचालित टोल नाके लाखों रुपए टेंडर में छूटने चाहिए, लेकिन RSRDC अधिकारी मिलीभगत के चलते हजारों रुपए में ही टेंडर दे रखे हैं। टोल नाकों के नाम पर बड़ा घोटाला चल रहा है।

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