Highlights
- टोंक जिले में नेशनल हाईवे-52 पर बासनी गणेशजी मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा।
- खानपुर से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर की स्कॉर्पियो ने बाइक सवार को सामने से मारी टक्कर।
- हादसे में उमर गांव के पूर्व सरपंच बाबू मोहन मीणा की मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत।
- नाराज ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
टोंक | राजस्थान के टोंक जिले में नेशनल हाईवे-52 पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। इस दुर्घटना में झालावाड़ जिले की खानपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। आमने-सामने की इस भिड़ंत में बाइक सवार उमर गांव के पूर्व सरपंच बाबू मोहन मीणा की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि पूर्व सरपंच का एक पैर शरीर से कटकर अलग हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी तनाव व्याप्त हो गया और स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया।
हादसे का घटनाक्रम और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 10.30 बजे बासनी गणेशजी मंदिर के पास घटित हुआ। उमर गांव के 55 वर्षीय पूर्व सरपंच बाबू मोहन मीणा अपनी बाइक पर सवार होकर देवली की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान जयपुर से कोटा की ओर जा रही खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर की स्कॉर्पियो ने एक कट पर बाइक को सामने से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कॉर्पियो की गति काफी अधिक थी, जिसके कारण बाइक सवार को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के तुरंत बाद विधायक सुरेश गुर्जर मौके पर ही रुके, लेकिन वहां मौजूद भीड़ के बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गई।
हाईवे पर प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने विधायक की गाड़ी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके चलते नेशनल हाईवे-52 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हिंडोली उपखंड अधिकारी शिवराज मीणा, तहसीलदार रतनलाल मीणा, डीएसपी अजीत कुमार मेघवंशी और हिंडोली थाना अधिकारी मुकेश कुमार यादव भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी, जिसके बाद जाम खोला जा सका।
मृतक का राजनीतिक इतिहास और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक बाबू मोहन मीणा का क्षेत्र में काफी प्रभाव था। वह 1991 में उमर गांव के सरपंच बने थे और लंबे समय से जनसेवा में सक्रिय थे। बाबू मोहन मीणा की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीतिक रही है। उनके पिता गंगाराम मीणा वर्ष 1963 से 1968 तक जनसंघ की टिकट पर विधायक रह चुके थे। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
विधायक सुरेश गुर्जर का राजनीतिक सफर
झालावाड़ की खानपुर सीट से वर्तमान विधायक सुरेश गुर्जर ने अपनी राजनीतिक पहचान संघर्ष के दम पर बनाई है। उन्होंने साल 2018 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें भाजपा के नरेंद्र नागर से 2265 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शानदार वापसी की और भाजपा के कद्दावर नेता नरेंद्र नागर को 8425 वोटों से हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। वर्तमान में वे क्षेत्र के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं।
पुलिस का आधिकारिक बयान
हिंडोली थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि विधायक सुरेश गुर्जर टोंक से खानपुर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। विधायक ने स्वयं फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और एग्रेसिव हो रही भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने विधायक की क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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