जयपुर | सरकार हम पर रहम करो, हमारी भी पीड़ा समझो... ये कहना है उस पीड़ित बंजारा परिवार का जिसे साढ़े 5 साल से अपने अपहृत हुए बेटे के मिलने की आस है।
सरकार हम पर रहम करो, हमारी भी पीड़ा समझो: साढ़े 5 साल से मां-बाप को है बेटे का इंतजार, 75 दिन से परिवार संग बैठे हैं धरने पर
राजस्थान सरकार जहां लोगों को बड़ी-बड़ी सौगातें देने में बिजी दिख रही है वहीं इन गरीब बंजारा परिवार की ओर किसी का ध्यान नहीं गया है, वो भी 75 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे होने के बावजूद।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान सरकार जहां लोगों को बड़ी-बड़ी सौगातें देने में बिजी दिख रही है वहीं इन गरीब बंजारा परिवार की ओर किसी का ध्यान नहीं गया है, वो भी 75 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे होने के बावजूद।
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राजस्थान सरकार जहां लोगों को बड़ी-बड़ी सौगातें देने में बिजी दिख रही है वहीं इन गरीब बंजारा परिवार की ओर किसी का ध्यान नहीं गया है, वो भी 75 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे होने के बावजूद।
अपना दुखड़ा रोते हुए अपहृत बेटे के पिता केतन बंजारा ने बताया कि मेरे बेटे नरेश का साढ़े 5 साल पहले नामजद आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। 28/ 2018 कोर्ट के आदेशों पर देव नगर पुलिस थाना जोधपुर में करवाई दर्ज करवा चुके हैं।
लेकिन दुख इस बात का है कि राजस्थान पुलिस द्वारा सभी नामजद आरोपियों को खुल्लम-खुल्ला बचाया जा रहा है।
इसलिए हम बंजारा परिवार मुख्यमंत्री गहलोत जी के गृह नगर जोधपुर से आकर अब राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा पर धरना दे रहे हैं।
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नरेश बंजारा की मां कंचन बंजारा का कहना है कि सरकार से मुझे कुछ भी नहीं चाहिए या तो सरकार मेरे बेटे को वापस कर दे मुझे या फिर CBI को इसकी जांच सौंपे।
पिछले 75 दिन से हमारा अनिश्चितकालीन धरना जारी है, लेकिन सरकार व प्रशासन ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है।
हमारा बंजारा परिवार यहां गर्मी-बरसात में सड़क पर पड़ा है, लेकिन अभी तक हमारी किसी ने भी सुध नहीं ली है। हम हर रोज न्याय की आस में जीते हैं।
दुखी पिता ने कहा कि मेरी पुत्री ममता को जो 9 माह की गर्भवती है वहीं भी हमारे साथ सड़क पर पड़ी है। आज ही उसे धरना स्थल से जनाना हॉस्पिटल में भर्ती करवाने के लिए आज ले जाया गया है।
लेकिन सरकार व प्रशासन के द्वारा हम बंजारा परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।
अगर राजस्थान सरकार हमारे मामले को सीबीआई में भेज देती तो मेरी बच्ची की डिलीवरी हम हमारे घर जोधपुर में करवाते।
लेकिन गरीब पर किसको दया आती है। सरकार को हमारे ऊपर बिल्कुल भी दया नहीं आ रही है कि यह बंजारा परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर यहां धरने पर बैठा है।
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