भजनलाल सरकार का भर्ती कैलेंडर: भजनलाल सरकार ने युवाओं को दी भर्ती कैलेंडर की ऐतिहासिक सौगात राजेंद्र राठौड़ ने बताया पारदर्शी शासन की जीत

भजनलाल सरकार ने युवाओं को दी भर्ती कैलेंडर की ऐतिहासिक सौगात राजेंद्र राठौड़ ने बताया पारदर्शी शासन की जीत
Ad

Highlights

  • वर्ष 2026 के लिए 1 लाख से अधिक सरकारी पदों का ऐतिहासिक भर्ती कैलेंडर जारी किया गया।
  • प्रदेश में 44 भर्ती परीक्षाओं का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया जिससे युवा समय पर तैयारी कर सकेंगे।
  • कांग्रेस शासन की 26 प्रतिशत बेरोजगारी दर को घटाकर भाजपा सरकार ने 7.4 प्रतिशत पर ला दिया है।
  • भजनलाल सरकार का लक्ष्य 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।

जयपुर | राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के लिए बड़ी सौगात बताया है।

राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए अपना भर्ती कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के माध्यम से 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।

भर्ती परीक्षाओं का स्पष्ट रोडमैप

राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि यह कैलेंडर कुल 44 भर्ती परीक्षाओं का एक विस्तृत और स्पष्ट रोडमैप प्रदान करता है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को अपनी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय और दिशा मिल सकेगी।

यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब प्रदेश में बिना किसी खर्ची और बिना पर्ची के युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।

रोजगार के वादों पर खरी उतरती सरकार

भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 5 साल के भीतर 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्रों में रोजगार देने का वादा किया था। सरकार ने अपने शुरुआती दो वर्षों में ही 92 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान कर इस वादे को निभाया है।

वर्तमान में 1.53 लाख अतिरिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को उनके कौशल के आधार पर उचित अवसर प्रदान करना है।

कांग्रेस शासन से तुलना और आंकड़े

राजेंद्र राठौड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार करते हुए आंकड़ों के जरिए तुलना की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में केवल 2 लाख 7 हजार सरकारी भर्तियां की थीं।

उन भर्तियों में भी 82 हजार नौकरियां केवल संविदा कर्मियों की थीं और 31 हजार नौकरियां आज भी अदालतों में उलझी हुई हैं। कांग्रेस के शासन में युवाओं को केवल आश्वासन और कानूनी पेचीदगियां ही हाथ लगी थीं।

पेपरलीक और बेरोजगारी पर नियंत्रण

भजनलाल सरकार के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में 296 परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन परीक्षाओं में एक भी पेपरलीक की घटना सामने नहीं आई है।

कांग्रेस की गहलोत सरकार के दौरान बेरोजगारी की औसत दर 26 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। भाजपा सरकार के ईमानदार प्रयासों से सितंबर 2025 तक यह दर घटकर केवल 7.4 प्रतिशत रह गई है।

आर्थिक प्रगति और भविष्य का लक्ष्य

राठौड़ ने जानकारी दी कि वर्ष 2023-24 में प्रति व्यक्ति आय 1.66 लाख रुपये थी जो अब बढ़कर 2.37 लाख रुपये होने का अनुमान है। सरकार का विजन राजस्थान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्पष्ट लक्ष्य है कि 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचे। इसके लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ स्वरोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

विपक्ष पर तीखा प्रहार

राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि डोटासरा शायद वह समय भूल गए हैं जब शिक्षकों ने रिश्वत लेकर तबादलों की बात कबूल की थी।

तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने शिक्षकों द्वारा स्वीकार की गई यह बात उस समय की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने कहा कि आज नैतिकता की बात करने वाले अपने भ्रष्टाचार के इतिहास को छिपा रहे हैं।

उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने भी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 हजार से अधिक स्टार्टअप का पंजीकरण होना एक बड़ी उपलब्धि है।

सरकार इन स्टार्टअप्स को आवश्यक फंडिंग और संसाधन उपलब्ध करा रही है ताकि युवा नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बनें। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े नियम बनाए हैं। कोचिंग संस्थानों को अब जवाबदेह बनाया गया है ताकि विद्यार्थियों को अवसाद से बचाया जा सके।

प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन और युवाओं के मानसिक कल्याण के लिए सरकार लगातार नए नवाचार कर रही है। इससे शैक्षणिक माहौल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

राजनीतिक भविष्य और संकल्प

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस वर्तमान में अपने आंतरिक संकटों और आपसी फूट से जूझ रही है। विपक्ष के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि संवेदनशील सरकार के कार्यों के दम पर 2028 में भाजपा फिर से इतिहास रचेगी। राजस्थान की जनता विकास और पारदर्शिता के पक्ष में अपना मत देगी।

इस प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा महामंत्री कैलाश मेघवाल और विधायक कुलदीप धनकड़ भी उपस्थित रहे। प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ ने सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

Must Read: सीएम के सलाहकार संयम लोढ़ा ने जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत को बर्खास्त करने की मांग

पढें राजनीति खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :