thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

बगावत पड़ सकती है भारी: भाजपा ने अपनाया कड़ा रुख, चुनावों में हो सकता है पत्ता साफ

desk

पार्टी ने दूसरे नेताओं को ये बता दिया है कि अगर कोई नेता बगावत पर उतारू होगा तो उसे पार्टी बिल्कुल भी बर्दास्त नहीं करेगी। फिर चाहे वह कितनी ही वरिष्ठ और बड़ा नेता क्यों न हो।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • पार्टी ने दूसरे नेताओं को ये बता दिया है कि अगर कोई नेता बगावत पर उतारू होगा तो उसे पार्टी बिल्कुल भी बर्दास्त नहीं करेगी। फिर चाहे वह कितनी ही वरिष्ठ और बड़ा नेता क्यों न हो।
bjp strong message to rebellion leaders before rajasthan election 2023

जयपुर | राजस्थान में जहां भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पर लगातार हमलावर हो रही है वहीं खुद के नेताओं पर भी लगाम लगाती दिख रही है। 

आगामी विधानसभा चुनाव 2023 के मध्यनजर भाजपा राजस्थान में भाजपा कड़ा रुख अपना रही है। 

पार्टी का ये रुख भाजपा से बागी हो रहे नेताओं के लिए भारी पड़ सकता है। 

दरअसल, विधानसभा चुनाव को लेकर आम नेता से लेकर विधायकों तक में टिकट को लेकर घमासान देखा जा रहा है। 

कई विधायक अपना टिकट कटता देखकर बगावत पर उतर रहे है। जिनके खिलाफ पार्टी का कड़ा रुख देखा जा रहा है और पार्टी उन्हें तवज्जों देने के मूड में नहीं दिख रही है। 

वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल को कर दिया सस्पेंड

भाजपा की कड़ी कार्रवाई का सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में  कैलाश मेघवाल (Kailash Meghwal) के खिलाफ देखा जा सकता है। 

भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व विधानसभा स्पीकर रह कैलाश मेघवाल को भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलना बेहद भारी पड़ा।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जैसे ही कैलाश मेघवाल ने बयानबाजी की तो पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। 

मेघवाल का सस्पेंशन पार्टी के खिलाफ बगावत करने वालों को एक कड़ा मैसेज कहा जा सकता है। 

पार्टी ने दूसरे नेताओं को ये बता दिया है कि अगर कोई नेता बगावत पर उतारू होगा तो उसे पार्टी बिल्कुल भी बर्दास्त नहीं करेगी। फिर चाहे वह कितनी ही वरिष्ठ और बड़ा नेता क्यों न हो।

सूत्रों की माने तो पार्टी की ओर से सभी विधायकों-नेताओं को ये भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पार्टी या पार्टी नेता के खिलाफ बयानबाजी नहीं करें। 

दरअसल, राजस्थान में चुनावों को लेकर पार्टी नेताओं में टिकट की मारामारी देखी जा रही है। कई बुजुर्ग नेता फिर से चुनावों में ताल ठोकने की फिराक में है तो कई नेता पुरानी हार के बावजूद पार्टी से टिकट क मांग कर रहे हैं।  ऐसे में पार्टी भी कड़ा रुख अपनाए हुए है। 

शेयर करें: