Highlights
- 12 साल का बच्चा यूपी के बलिया से 1100 किलोमीटर दूर अजमेर पहुंचा.
- CWC ने मिस्टर इंडियन हैकर को वीडियो में चेतावनी जारी करने को कहा है.
- बच्चों की सुरक्षा को लेकर बाल कल्याण समिति ने जताई गहरी चिंता.
- अभिभावकों को भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह.
अजमेर | राजस्थान सरकार की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने कम उम्र में अकेले घर छोड़कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से मिलने के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई है. कमेटी ने कहा है कि बच्चों का इस तरह बिना बताए घर से निकलना उनकी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है.
CWC की दिलराज को कड़ी चेतावनी
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अंजलि शर्मा ने स्पष्ट किया कि दिलराज उर्फ मिस्टर इंडियन हैकर से मिलने के लिए बच्चों के घर छोड़ने का यह चौथा मामला है. यह स्थिति बेहद गंभीर है क्योंकि बच्चे सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर बिना सोचे-समझे लंबी दूरी तय कर रहे हैं. डिपार्टमेंट ने अब दिलराज को सख्त चेतावनी दी है कि वह अपने हर वीडियो में बच्चों से विशेष अपील करें. इन्फ्लुएंसर को अपने दर्शकों को बताना होगा कि वे बिना माता-पिता की अनुमति के घर से न निकलें और अकेले सफर न करें. समिति का मानना है कि सोशल मीडिया सेलिब्रिटीज का बच्चों के मन पर गहरा असर होता है. इसलिए उनकी एक छोटी सी सलाह बच्चों को गलत कदम उठाने से रोक सकती है और उन्हें सुरक्षित रख सकती है.
यूपी के बलिया से अजमेर पहुंचा बच्चा
हाल ही में उत्तर प्रदेश के बलिया से एक 12 साल का लड़का केवल अपने पसंदीदा इन्फ्लुएंसर से मिलने के लिए अजमेर पहुंच गया. इस बच्चे ने करीब 1126 किलोमीटर का सफर अकेले तय किया जो किसी भी अनहोनी को दावत दे सकता था. काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि वह खुद भी एक सोशल मीडिया सेलिब्रिटी बनना चाहता है. उसका सपना वीडियो बनाना और प्रसिद्ध लोगों से मिलना है जिसके लिए उसने यह जोखिम भरा कदम उठाया. रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से इस बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया. हालांकि हर बार स्थिति इतनी अनुकूल नहीं होती है इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना अनिवार्य है.
इन्फ्लुएंसर और अभिभावकों की जिम्मेदारी
CWC अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. बड़े क्रिएटर्स को अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग बच्चों को जागरूक करने और उन्हें जोखिम से बचाने के लिए करना चाहिए. इसके साथ ही माता-पिता को भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है. अभिभावकों को बच्चों से नियमित संवाद करना चाहिए ताकि वे अपनी भावनाओं और इच्छाओं को साझा कर सकें. बच्चों के इंटरनेट उपयोग के समय को सीमित करना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना आज के समय की मांग है. घर का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां बच्चे अपनी बात खुलकर कह सकें और असुरक्षित कदम न उठाएं.
कौन है मिस्टर इंडियन हैकर
दिलराज सिंह जिन्हें मिस्टर इंडियन हैकर के नाम से जाना जाता है भारत के एक अत्यंत प्रसिद्ध यूट्यूबर हैं. वह मुख्य रूप से तकनीकी प्रयोगों और विज्ञान आधारित वीडियो के लिए पहचाने जाते हैं. राजस्थान के अजमेर से ताल्लुक रखने वाले दिलराज के यूट्यूब पर करोड़ों सब्सक्राइबर्स हैं. उनके वीडियो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं लेकिन अब उनकी लोकप्रियता बच्चों के लिए चिंता का विषय बन रही है. समिति का मानना है कि यदि इन्फ्लुएंसर खुद बच्चों को आगाह करेंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और सोशल मीडिया स्टार्स को मिलकर काम करना होगा. सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को यह समझना जरूरी है कि डिजिटल दुनिया और हकीकत में बहुत अंतर होता है. किसी भी अनजान सफर पर निकलना उनके जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है. प्रशासन अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर ऐसी गाइडलाइंस बनाने पर विचार कर रहा है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रभावशाली व्यक्ति अपने प्रभाव का उपयोग सकारात्मक और सुरक्षित तरीके से करें.
राजनीति