Highlights
- निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खेजड़ी संरक्षण कानून की मांग की।
- हुक्का बार पर कार्रवाई को लेकर पक्ष-विपक्ष में हुई नोकझोंक।
- आबादी क्षेत्रों में लेपर्ड मूवमेंट की निगरानी के लिए बनेगी हेल्पलाइन।
जयपुर | राजस्थान विधानसभा के वर्तमान सत्र में प्रदेश के पर्यावरण, कानून-व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में 'खेजड़ी संरक्षण कानून' लागू करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समय में 50 लाख और पेड़ों को काटने की तैयारी है।
सदन में हुक्का बार के मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुई कार्रवाई की तुलना करते हुए गंभीर आरोप लगाए, जिस पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। वहीं, सड़कों की स्थिति पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने विपक्षी विधायकों के आक्रामक रुख पर पलटवार किया और उनसे संयम बरतने को कहा।
जयपुर के रिहायशी इलाकों में लेपर्ड के बढ़ते मूवमेंट को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। विधायक कालीचरण सराफ के सवाल पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने आश्वासन दिया कि वन्यजीवों की निगरानी और आबादी क्षेत्रों में उनके प्रवेश पर नजर रखने के लिए जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इससे आम जनता को समय पर सूचना और सुरक्षा मिल सकेगी।
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