RAJASTHAN: मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, अस्पतालों के बिल्डिंगों की जांच में मिली खामियां, फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं, सीज करने की जगह सिर्फ जुर्माना वसूला

मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, अस्पतालों के बिल्डिंगों की जांच में मिली खामियां, फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं, सीज करने की जगह सिर्फ जुर्माना वसूला
जयपुर के गेम जोन में नहीं फायर फाइटिंग सिस्टम
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Highlights

50 से अधिक बिल्डिंगों में फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की गई। इसमें 43 से अधिक जगहों पर सिस्टम में कमी मिली। कई बिल्डिंगों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा हुआ नहीं मिला। अधिकारियों ने इन्हें सीज करने की जगह 5-5 हजार रुपए का जुर्माना वसूला और नोटिस जारी करके छोड़ दिया।
जयपुर | गुजरात के राजकोट में एक गेम जोन में हुए अग्निकांड हादसे के बाद भी जयपुर हेरिटेज और ग्रेटर निगम के फायर शाखा के अधिकारी सतर्क नहीं हुए हैं।
दोनों निगमों के अधिकारी कार्रवाई के लिए जाते हैं और खानापूर्ति करके लौट आते हैं। इसका अंदाजा दोनों निगमों के फायर शाखा के अधिकारियों की ओर से 11 दिन में की गई कार्रवाई से लगाया जा सकता है।
 
जाँच-पड़ताल में सामने आया कि फायर शाखा के अधिकारी शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, अस्पतालों और गेम जोन में फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच के लिए गए तो उन्हें कुछ बिल्डिंगों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगे हुए ही नहीं मिले।
वहीं कई बिल्डिंगों के सिस्टम में कमिया मिली। नियम ऐसे बने हुए हैं कि अधिकारी इन्हें सीज करने की अपेक्षा जुर्माना वसूल कर छोड़ आए।
 
बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के चल रही बिल्डिंगों के रजिस्ट्रेशन करने वाले अधिकारियों पर सवाल खड़ा हो रहा है कि अधिकारियों ने बिना फायर फाइटिंग सिस्टम संचालन की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) कैसे जारी कर दी?
अधिकांश के फायर फाइटिंग सिस्टम में कमिया मिली है। ऐसे में अगर किसी भवन, गेम जोन, अस्पताल, होटल और रेस्टोरेंट में राजकोट की तरह हादसा हो जाता तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
 
निगम की ओर से 50 से अधिक बिल्डिंगों में फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की गई। इसमें 43 से अधिक जगहों पर सिस्टम में कमी मिली।
कई बिल्डिंगों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा हुआ नहीं मिला। अधिकारियों ने इन्हें सीज करने की जगह 5-5 हजार रुपए का जुर्माना वसूला और नोटिस जारी करके छोड़ दिया।
 
नोटिस के जवाब के बाद होगी आगे की कार्रवाई
 
फायर शाखा के उपायुक्त युगांतर शर्मा (yugantar sharma) ने कहा-कार्रवाई नगर पालिका नियमों के तहत की गई है। नियमों के तहत कमिया मिलने पर जुर्माना और नोटिस जारी किया जाता है।
इसके बाद सीज की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रेटर निगम के सीएफओ गौतम लाल (goutam lal) ने कहा- जांच में फायर फाइटिंग सिस्टम में खामियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।

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