Highlights
- डोटासरा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार भी दोगुना हो गया है।
- अरावली की परिभाषा खनन माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गई।
- प्रदेश में जायज काम भी बिना रिश्वत के नहीं हो रहे हैं।
- निकाय और पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी घेरा।
जयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार अब डबल भ्रष्टाचार करने में जुटी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दोनों हाथ लूट में लगे हैं और आम जनता का कोई भी जायज काम बिना भ्रष्टाचार के पूरा नहीं हो पा रहा है। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और सरकार केवल विज्ञापनों तक सीमित रह गई है।
भ्रष्टाचार और अरावली संरक्षण पर गंभीर आरोप
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भाषणों पर तंज कसते हुए कहा कि वे पिछले दो सालों से केवल एक ही राग अलाप रहे हैं। मुख्यमंत्री हमेशा कहते हैं कि उन्होंने भ्रष्टाचार रोक दिया है और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार किया था। डोटासरा ने पलटवार करते हुए पूछा कि अगर कांग्रेस ने कुछ गलत किया है तो सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि यह सरकार भ्रष्टाचार को दोगुना करने का काम कर रही है। डोटासरा ने अरावली की परिभाषा बदलने के फैसले को खनन माफियाओं के प्रति सरकार का समर्पण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की राष्ट्र और पर्यावरण के प्रति कोई सोच नहीं है और वे केवल संसाधनों की लूट में व्यस्त हैं।
चुनावी वादों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार
पीसीसी अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार इन चुनावों को नौ महीने के भीतर संपन्न हो जाना चाहिए था। लेकिन सरकार को सत्ता में आए दो साल होने वाले हैं और अभी तक चुनावों की कोई तैयारी नहीं है। डोटासरा के अनुसार भाजपा सरकार जनता का सामना करने से डर रही है और इसीलिए चुनावों को जानबूझकर टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है और कांग्रेस इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
संगठन की मजबूती और टिकट वितरण की नीति
कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने पार्टी के भीतर अनुशासन और सक्रियता पर भी जोर दिया। उन्होंने उन आठ जिला कांग्रेस कमेटियों को नोटिस देने की बात कही जहां अरावली बचाओ और एसआईआर को लेकर कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए थे। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब ऐसे नेताओं को बर्दाश्त नहीं करेगी जो केवल चुनाव के समय टिकट मांगने आते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में केवल उन्हीं लोगों को टिकट मिलेगा जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और संगठन के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि टिकट पाने के बाद हर व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी और संगठन की भागीदारी अनिवार्य होगी।
प्रशासनिक विफलता और मंत्रियों की कार्यशैली
डोटासरा ने दावा किया कि वर्तमान में राजस्थान का कोई भी मंत्री या विधायक ईमानदारी से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी पूरी तरह बेलगाम हो गई है और बिना पैसे के किसी भी फाइल का आगे बढ़ना नामुमकिन हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उनके ईमानदारी के दावों का असर धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है। इस कार्यक्रम में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी अपने विचार रखे। डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया और कहा कि कांग्रेस पार्टी अब चुप नहीं बैठेगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि आम आदमी की आवाज को मजबूती से उठाया जा सके।
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