मंडी लोकसभा क्षेत्र में कंगना राणावत की जीत आसान नहीं है। सार्वजनिक निर्माण मंत्री और पूर्व महाराजा का टाइटल रखने वाले विक्रमादित्य सिंह ने तगड़ी फील्डिंग जमा रखी है। कंगना बीजेपी की स्टार प्रचारक हैं, इसके बावजूद वे दूसरे चरण में राजस्थान के पाली, बाड़मेर और जोधपुर के अलावा कहीं प्रचार नहीं कर सकीं। यही नहीं वे मंडी में घिरकर रह गई हैं।
Himachal pradesh: मंडी लोकसभा क्षेत्र में कंगना राणावत की जीत आसान नहीं
राम स्वरूप शर्मा 2014 में यहां से सांसद बने, 2019 में भी जीते, लेकिन न जाने क्यों उन्होंने सुसाइड कर लिया। अभी उप चुनाव में विक्रमादित्य की माता श्रीमती प्रतिभा सिंह यहां से सांसद हैं। यदि विक्रमादित्य चुनाव जीतते हैं और छह विधानसभाओं के उप चुनाव में भाजपा सभी सीटें निकाल. ले जाती है तो कांग्रेस की सरकार का संकट खड़ा ह
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देश में सबसे पहले चुनाव की शुरूआत यहीं से हुई थी 1951 में...। यही नहीं यहां पर लोकसभा चुनाव में राजकुमारी अमृत कौर सांसद बनीं और देश की पहली महिला मंत्री बनीं। यहीं से जीते सुखराम टेलिकम्युनिकेशन घोटाले में जेल गए। छह बार सीएम रह चुके वीरभद्र सिंह के परिवार का यहां दबदबा है।
राम स्वरूप शर्मा 2014 में यहां से सांसद बने, 2019 में भी जीते, लेकिन न जाने क्यों उन्होंने सुसाइड कर लिया। अभी उप चुनाव में विक्रमादित्य की माता श्रीमती प्रतिभा सिंह यहां से सांसद हैं। यदि विक्रमादित्य चुनाव जीतते हैं और छह विधानसभाओं के उप चुनाव में भाजपा सभी सीटें निकाल. ले जाती है तो कांग्रेस की सरकार का संकट खड़ा हो सकता है।
क्योंकि विक्रमादित्य के जीतने पर यह सीट भी खाली होगी। कुल मिलाकर हिमाचल में चुनाव इसी सीट पर रोचक है और पूरे देश की मंडी पर नजर है। लोकसभा चुनाव का विश्लेषण कर रहे हैं प्रदीप बीदावत...। #mandi #kanganaranaut #himachalpradesh #election #loksabhachunav
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