Highlights
- रेलवे ने 2025 में महाकुंभ से छठ तक 43 हजार विशेष ट्रेनें चलाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
- जोधपुर रेल मंडल ने नवंबर तक टिकट बिक्री से 611.75 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।
- पिछले वर्ष की तुलना में जोधपुर मंडल के राजस्व में 10.68 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ हुई।
- महाकुंभ के लिए 17,340 और छठ पूजा के लिए 12,383 विशेष रेल यात्राएं संचालित की गईं।
जोधपुर | भारतीय रेलवे ने साल 2025 के दौरान त्योहारों और भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों की सुविधा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रेलवे ने महाकुंभ से लेकर छठ पूजा तक के सफर को आसान बनाने के लिए कुल 43 हजार से अधिक विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया है। इस रणनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना और स्टेशनों पर भीड़ का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना था। रेलवे की यह व्यापक योजना लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित और सुलभ तरीके से पहुंचाने में बेहद सफल रही है।
रेलवे की मेगा योजना और विशेष संचालन
रेलवे प्रशासन ने विभिन्न बड़े आयोजनों और त्योहारों के लिए विशेष समय सारणी तैयार की थी। 13 जनवरी से 28 फरवरी 2025 के बीच आयोजित महाकुंभ के लिए विशेष रूप से 17,340 ट्रेनें चलाई गईं। इसके बाद होली के त्योहार पर भी पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी ट्रेनें पटरी पर उतारी गईं ताकि घर जाने वालों को परेशानी न हो। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान अप्रैल से जून तक 12,417 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। छठ पूजा के दौरान भी 12 हजार से अधिक फेरे लगाए गए जिसने यात्रियों को बड़ी राहत दी।
जोधपुर रेल मंडल की रिकॉर्ड तोड़ कमाई
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार मंडल ने आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बिक्री से 611.75 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 59.07 करोड़ रुपए अधिक है जो सीधे तौर पर 10.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। यह वित्तीय उपलब्धि मंडल की मजबूत कार्यप्रणाली और यात्रियों के बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
यात्री सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं का असर
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने इस बड़ी सफलता का श्रेय यात्रियों की संख्या में वृद्धि और बेहतर प्रबंधन को दिया है। रेलवे ने टिकट सेवा केंद्रों का विस्तार किया है और डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि यात्री सुविधाओं में सुधार और काउंटर टिकटिंग की सुगम प्रक्रिया ने इस राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे का विकास भी यात्रियों को आकर्षित करने में सफल रहा है।
भविष्य की योजनाएं और निरंतर विकास
रेलवे प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में भी यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के संचालन में इसी तरह का सुधार जारी रहेगा। जोधपुर मंडल लगातार नई तकनीकों और बेहतर यात्री सेवाओं के माध्यम से अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इससे न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि यात्रियों का सफर भी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगा। आने वाले त्योहारों के लिए भी रेलवे अभी से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
राजनीति