Highlights
- बिहार के पटना निवासी 19 वर्षीय प्रियांशु राज ने जयपुर में 12वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड किया।
- मणिपाल यूनिवर्सिटी का छात्र परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने के बाद से गहरे डिप्रेशन में था।
- घटनास्थल पर छात्र के बैग से पुलिस को जहर और पानी की बोतल भी बरामद हुई है।
- छात्र ने कॉलेज से 5 किलोमीटर दूर जाकर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग से छलांग लगाकर जान दी।
जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यहां मणिपाल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के एक मेधावी छात्र प्रियांशु राज ने एक निर्माणाधीन इमारत की 12वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। 19 वर्षीय प्रियांशु मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना का रहने वाला था और वह पिछले छह महीने पहले ही इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर जयपुर आया था। पुलिस की शुरुआती जांच और साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि छात्र अपनी कॉलेज परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था जिसके बाद वह गहरे मानसिक अवसाद और डिप्रेशन की स्थिति में चला गया था।
घटनाक्रम के अनुसार प्रियांशु राज के प्रथम सेमेस्टर के एक विषय में बैक लग गई थी जिसका पेपर 26 दिसंबर को दोपहर की पाली में आयोजित किया गया था। परीक्षा के दौरान प्रियांशु अपने साथ नकल करने के उद्देश्य से कुछ पर्चियां लेकर आया था। परीक्षा हॉल में तैनात वीक्षक की नजर उस पर पड़ गई और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया। नियमों के तहत उसकी उत्तर पुस्तिका और पर्चियां तुरंत जब्त कर ली गईं। हालांकि उसे परीक्षा पूरी करने के लिए दूसरी उत्तर पुस्तिका दी गई थी लेकिन इस घटना ने उसके आत्मसम्मान पर गहरी चोट पहुंचाई और वह भविष्य को लेकर बहुत अधिक चिंतित हो गया था।
किराए की स्कूटी लेकर निकला आत्मघाती सफर पर
परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने के बाद प्रियांशु के व्यवहार में काफी बदलाव देखा गया। वह हॉस्टल जाने के बजाय कैंपस से बाहर निकल गया। उसने पास ही स्थित एक रेंटल शॉप से किराए पर स्कूटी ली और शहर की ओर निकल पड़ा। रास्ते में उसने एक दुकान से कीटनाशक जहर और पानी की बोतल भी खरीदी जो बाद में उसके बैग से बरामद हुई। वह कॉलेज परिसर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय कर बगरू टोल प्लाजा के पास स्थित एक विशाल निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत के पास पहुंचा। शाम के समय जब मजदूरों का काम खत्म होने वाला था तब वह चुपके से इमारत की 12वीं मंजिल पर पहुंच गया।
मजदूरों के बीच मचा हड़कंप
इमारत की 12वीं मंजिल की मुंडेर पर पहुंचकर प्रियांशु ने अपना बैग और मोबाइल फोन बहुत ही सलीके से रखा ताकि पुलिस उसे पहचान सके। इसके तुरंत बाद उसने वहां से नीचे छलांग लगा दी। वह सीधे पहली मंजिल पर बने कंक्रीट के छज्जे पर जाकर गिरा। गिरने की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि पूरी बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूरों के बीच हड़कंप मच गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई निर्माण सामग्री या मशीन नीचे गिरी है लेकिन जब उन्होंने पास जाकर देखा तो वहां एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा तड़प रहा था। मजदूरों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को इसकी सूचना दी।
वार्डन की कोशिशें भी नहीं बचा सकीं जान
प्रियांशु के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि परीक्षा के बाद से ही वह फोन पर बहुत ही डरावनी और बहकी-बहकी बातें कर रहा था। जब इस बात की जानकारी कॉलेज प्रशासन को मिली तो उन्होंने तुरंत हॉस्टल वार्डन को उसे संभालने के लिए कहा। वार्डन ने प्रियांशु को फोन किया और उसे बहुत ही प्यार से समझाया कि परीक्षा में नकल का मामला इतना बड़ा नहीं है कि वह अपनी जान जोखिम में डाले। वार्डन ने उसे आश्वासन दिया था कि कॉलेज की ओर से उस पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रियांशु ने वार्डन को विश्वास दिलाया कि वह हॉस्टल वापस आ रहा है लेकिन इसके तुरंत बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
बगरू थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार गोदारा ने मीडिया को बताया कि पुलिस को इमारत की 12वीं मंजिल की दीवार पर प्रियांशु का बैग और फोन मिला है। बैग की तलाशी के दौरान उसमें रखे दस्तावेजों से उसकी पहचान सुनिश्चित हुई। बैग के अंदर से जहर की एक शीशी और पानी की बोतल का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि वह पूरी तैयारी के साथ आया था। पुलिस ने छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है और पटना में उसके माता-पिता को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर परीक्षा के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सके।
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