Highlights
- जालोर के अहोर में नेशनल हाईवे पर हुआ भीषण हादसा।
- दंपती समेत तीन लोगों की मौत और 12 से ज्यादा घायल।
- ड्राइवर पर नशे में होने और लापरवाही बरतने का आरोप।
- तीन क्रेनों की मदद से बस को सीधा कर निकाला गया शव।
जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में रविवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया जिसने पूरे प्रशासन और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। नेशनल हाईवे 325 पर अहोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक निजी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से जा टकराई और पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में एक बुजुर्ग दंपती सहित कुल तीन लोगों की मौत हो गई है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस में सवार एक महिला का सिर धड़ से अलग हो गया जबकि उनके पति का पैर कट गया। इस हादसे में 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
हादसे का घटनाक्रम और चीख-पुकार
यह दुर्घटना रविवार रात करीब 11 बजे अहोर थाना इलाके में अगवरी गांव और गुड़ा बालोतान के बीच हुई। टीआर जाणी ट्रेवल्स की यह निजी बस रविवार शाम करीब 6 बजे सांचौर से रवाना हुई थी। बस जालोर और अहोर के रास्ते जयपुर होते हुए करौली की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक एक जोरदार धमाके के साथ बस पलटी और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए बस के शीशे तोड़े और बाहर निकलने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
ड्राइवर की लापरवाही और नशे का आरोप
बस में सवार यात्रियों ने ड्राइवर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक थी। यात्रियों का कहना है कि ड्राइवर शराब के नशे में था और लापरवाही से बस चला रहा था। एक यात्री ने बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले ड्राइवर स्टीयरिंग छोड़कर अपने हाथों से पान मसाला मिला रहा था। इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे एक नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वह पलट गई। यात्रियों ने यह भी बताया कि रास्ते में एक होटल पर बस रोकने का इशारा किया गया था लेकिन तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी।
बुजुर्ग दंपती की दर्दनाक मौत
इस हादसे में सांचौर के लियादरा गांव निवासी 75 वर्षीय फगलूराम और उनकी 65 वर्षीय पत्नी हाऊ देवी की मौके पर ही मौत हो गई। फगलूराम का पैर कटकर शरीर से अलग हो गया था जबकि उनकी पत्नी की देह बुरी तरह कुचल गई और उनका सिर धड़ से अलग हो गया। पुलिस ने बताया कि यह दंपती अपने बेटे के परिवार से मिलने के लिए अजमेर जा रहे थे। इनके अलावा भरतपुर निवासी अमृतलाल ने जालोर के जनरल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद शवों को बस के मलबे से बाहर निकाला।
बचाव कार्य और पुलिस की कार्रवाई
अहोर थाना प्रभारी करण सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। बस को सीधा करने और उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए तीन भारी क्रेनों और जेसीबी की मदद ली गई। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अहोर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद जालोर रेफर किया गया था। पुलिस ने मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है और दुर्घटना के सही कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
घायलों की सूची और वर्तमान स्थिति
हादसे में घायल होने वालों में सांचौर निवासी प्रवीण कुमार, मन बिश्नोई, भावना, दिलीप बिश्नोई और संदीप माहेश्वरी शामिल हैं। इसके अलावा बांसवाड़ा की पूजा, दौसा के हरीश गुर्जर, कुलदीप बंजारा, अलवर के पवन और मेडाबागोड़ा के हर्षन पुरी भी इस दुर्घटना में चोटिल हुए हैं। डॉक्टर के अनुसार कुछ यात्रियों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सड़क सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
यह हादसा एक बार फिर निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी और ड्राइवरों की लापरवाही को उजागर करता है। नेशनल हाईवे पर रात के समय तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गया है। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने के बावजूद इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निजी बसों की फिटनेस और ड्राइवरों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। जालोर पुलिस अब इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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