Highlights
- झाब पंचायत समिति बहाली की मांग तेज
- कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन, 29 दिनों से जारी है धरना
- विधायक जीवाराम के खिलाफ नारेबाजी।
जालोर | झाब पंचायत समिति को निरस्त किए जाने के विरोध में 'झाब बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले ग्रामीणों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को झाब और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण अपने वाहनों के साथ रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय जालोर पहुंचे और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सांचौर के निर्दलीय विधायक जीवाराम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप गावंडे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि झाब को पुनः पंचायत समिति मुख्यालय बनाया जाए अथवा क्षेत्र को पूर्व की भांति चितलवाना पंचायत समिति में ही रखा जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में झाब को पंचायत समिति घोषित किया गया था, जिसमें 20 गांव चितलवाना और 4 गांव सांचौर के शामिल थे। लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते सवा महीने बाद आदेश बदलकर भादरुणा को मुख्यालय बना दिया गया, जो जनभावनाओं के विरुद्ध है।

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कुछ उत्साहित युवाओं ने पुलिस बेरिकेड्स हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध प्रशासन से नहीं बल्कि सरकार के गलत निर्णय और क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के खिलाफ है। गौरतलब है कि झाब में पिछले 29 दिनों से अनवरत धरना जारी है और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
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