जालोर/सिरोही: कागमाला हाल्ट (Kagmal Halt) का नाम बदलकर सुंधा माता रेलवे स्टेशन (Sundha Mata Railway Station) करने की मांग तेज़ हुई है। कालूराम लोहार विश्वकर्मा ने सांसद लुंबाराम चौधरी (MP Lumbaram Choudhary) को ज्ञापन सौंपा।
Rajasthan: कागमाला हाल्ट का नाम बदलकर सुंधा माता रेलवे स्टेशन करने की मांग
कागमाला हाल्ट (Kagmal Halt) का नाम बदलकर सुंधा माता रेलवे स्टेशन (Sundha Mata Railway Station) करने की मांग तेज़ हुई है। कालूराम लोहार विश्वकर्मा ने सांसद लुंबाराम चौधरी (MP Lumbaram Choudhary) को ज्ञापन सौंपा।
HIGHLIGHTS
- सुंधा माता रेलवे स्टेशन बनाने की मांग तेज़। कालूराम लोहार विश्वकर्मा ने सांसद लुंबाराम चौधरी को सौंपा ज्ञापन। सुंधा माता पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल। रेलवे स्टेशन बनने से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
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जोधपुर-समदड़ी-भीलड़ी रेलमार्ग पर स्थित कागमाला हाल्ट को सुंधा माता रेलवे स्टेशन का दर्जा देने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ रही है। भाजपा कारीगर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कालूराम लोहार विश्वकर्मा ने इस संबंध में जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। केंद्र में NDA सरकार के तीसरी बार गठन के बाद यह अपेक्षा बढ़ गई है कि क्षेत्र के महत्वपूर्ण धार्मिक व पर्यटन स्थलों को बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी मिले।
ऐतिहासिक संदर्भ और पूर्व प्रधानमंत्री का हस्तक्षेप
ज्ञापन में इस मांग के ऐतिहासिक संदर्भ को भी सामने रखा गया है। कालूराम लोहार ने बताया कि पूर्व में जब इस रेलमार्ग पर मीटर गेज संचालित था, तब कागमाला हाल्ट के नाम से यात्री गाड़ियों का ठहराव होता था। यह ठहराव देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं तत्कालीन रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आदेश पर शुरू किया गया था।
उस दौरान कागमाला के पूर्व सरपंच स्व. हंजारीमल जैन, समाजसेवी स्व. शंकरलाल जैन सहित स्थानीय ग्रामीणों द्वारा रेल रोककर शास्त्रीजी से हाल्ट की मांग की गई थी, जिसे तत्काल मंजूर किया गया। यह घटना क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं की पुरानी आवश्यकता को दर्शाती है।
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सुंधा माता: पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख धार्मिक केंद्र
ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सुंधा माता शक्तिपीठ आज पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक व पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसके बावजूद, एक उचित रेलवे स्टेशन का अभाव इन श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
राजस्थान के अलावा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित दक्षिण भारत से आने वाले यात्रियों को भी उचित ठहराव न होने के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। एक रेलवे स्टेशन की कमी सीधे तौर पर धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
रेलवे स्टेशन बनने से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कागमाला हाल्ट का नाम बदलकर सुंधा माता रेलवे स्टेशन करने से कई लाभ होंगे। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी धार्मिक यात्राएं सुगम हो सकेंगी। साथ ही, इस कदम से क्षेत्र में पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी और सुंधा माता धाम की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक विस्तृत होगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भीनमाल लोकसभा दौरे के दौरान सुंधा माता की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया था। यह दर्शाता है कि यह महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल स्वयं प्रधानमंत्री के संज्ञान में है, जिससे इस मांग के पूरा होने की उम्मीदें और बढ़ जाती हैं।
आगामी बजट सत्र में ठोस कार्रवाई की मांग
ज्ञापनकर्ता कालूराम लोहार विश्वकर्मा ने सांसद लुंबाराम चौधरी से आग्रह किया है कि वे आगामी बजट सत्र में इस महत्वपूर्ण मांग को गंभीरता से उठाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष इस संबंध में ठोस अनुशंसा भेजने का भी अनुरोध किया है। इस ज्ञापन की एक प्रतिलिपि रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को भी प्रेषित की गई है, ताकि इस पर जल्द से जल्द विचार किया जा सके।