Highlights
- मदन राठौड़ ने डोटासरा के पुंगी बजाने वाले बयान पर कड़ा पलटवार किया।
- बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं की तुलना मेंढक से की।
- राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को पार्टी का प्राण बताते हुए अधिकारियों को नसीहत दी।
- संगठन की कार्यशाला में कुटुंब प्रबंधन और परिवार के साथ समय बिताने पर जोर दिया।
जयपुर | राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के तीखे बयानों पर पलटवार किया है। राठौड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें डोटासरा से किसी प्रकार के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने डोटासरा को अपना घर संभालने की नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता वर्तमान में मेंढक की तरह उछल-कूद कर रहे हैं।
जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित मीडिया संवाद के दौरान राठौड़ ने डोटासरा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें डोटासरा ने कहा था कि राठौड़ मुख्यमंत्री की पुंगी बजा रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि वे क्या कर रहे हैं यह उनका संगठन और जनता देख रही है। डोटासरा को अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस के अंदर भारी अंतर्कलह व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता केवल सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
डोटासरा के आरोपों का जवाब
दरअसल शनिवार को बीजेपी की संगठनात्मक कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में प्रदेश प्रभारी की अनुपस्थिति पर डोटासरा ने तंज कसा था। डोटासरा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी के भीतर सत्ता और संगठन में दूरियां बढ़ गई हैं। इन आरोपों को खारिज करते हुए राठौड़ ने कहा कि बीजेपी एक एकजुट इकाई है। उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर कोई मतभेद नहीं है और सभी नेता मिलकर राजस्थान के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
मदन राठौड़ ने कार्यशाला में पिछले एक साल के कामकाज का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए कई अभियान चलाए हैं। राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग अपना घर नहीं संभाल पा रहे वे दूसरों के घर में झांकने की कोशिश कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि
कार्यशाला के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के उस बयान पर भी चर्चा हुई जिसमें उन्होंने अधिकारियों को कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का ध्यान रखने की चेतावनी दी थी। इस पर राठौड़ ने कहा कि कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी की असली शक्ति हैं। कार्यकर्ता के बिना संगठन का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं का सम्मान होना चाहिए और अधिकारियों को उनके साथ समन्वय बनाकर काम करना चाहिए।
राठौड़ ने जोर देकर कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। चूंकि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे कार्यकर्ताओं के माध्यम से आने वाली जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल ही सुशासन की पहचान है।
कुटुंब प्रबंधन और सामाजिक सरोकार
राजनीतिक चर्चाओं के बीच मदन राठौड़ ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। उन्होंने कार्यशाला में हुए कुटुंब प्रबंधन की चर्चा का जिक्र करते हुए देशवासियों से अपील की। राठौड़ ने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में परिवार के सदस्य एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर संवाद करें।
राठौड़ ने सुझाव दिया कि यदि बातचीत के लिए विषय न हो तो कम से कम साथ बैठकर भजन करें या भोजन करें। उन्होंने कहा कि पहले के समय में संयुक्त परिवार एक आदर्श होते थे लेकिन अब आधुनिकता के कारण परिवार बिखर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महीने में कम से कम एक या दो दिन ऐसा तय करें जब पूरा परिवार एक साथ बैठे। इससे बच्चों में अच्छे संस्कार आएंगे और पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे।
आगामी चुनावों की रणनीति
कार्यशाला के समापन के बाद कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी पंचायती राज और निकाय चुनावों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राठौड़ ने बताया कि पार्टी इन चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं और संगठन की मजबूती के लिए काम करें। मदन राठौड़ ने अंत में कहा कि बीजेपी का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग का कल्याण करना है और इसके लिए संगठन निरंतर सक्रिय रहेगा।
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