Highlights
- पोकरण में गोवंश हत्या प्रकरण के बाद प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई.
- नगरपालिका की टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में 19 दुकानें सीज की.
- घरों के भीतर अवैध रूप से संचालित हो रहे मीट कारोबार का हुआ खुलासा.
- बिना वैध लाइसेंस दुकान खोलने पर अब होगी सीधी एफआईआर और जेल.
पोकरण | राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र में गोवंश हत्या प्रकरण को लेकर उपजे भारी आक्रोश के बीच प्रशासन सख्त हो गया है. नगरपालिका प्रशासन ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी स्ट्राइक की है.
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
नगरपालिका की टीम ने शुक्रवार शाम शहर के विभिन्न हिस्सों में दबिश देते हुए 19 अवैध मीट की दुकानों को सीज कर दिया है. ईओ जब्बर सिंह के निर्देशन और राजस्व अधिकारी रामस्वरूप गुचिया के नेतृत्व में यह विशेष अभियान चलाया गया.
बैल हत्या के बाद माहौल गरमाया
हाल ही में पोकरण में बैल की हत्या की घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा व्याप्त था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने उन दुकानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की जिनके मालिक भनक लगते ही भाग गए थे.
घरों के भीतर अवैध कारोबार
छापेमारी के दौरान वार्ड नंबर 1 में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कई घरों के भीतर अवैध रूप से मीट का कारोबार चल रहा था. प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया और कई व्यापारी मौके से फरार होने में कामयाब रहे.
सीज की गई दुकानों का विवरण
राजस्व अधिकारी ने बताया कि मदरसा के सामने 6 दुकानें और वार्ड नंबर 1 में घर के आगे संचालित 8 दुकानें सीज की गई हैं. इसके अलावा बस स्टैंड के पास 3 दुकानें और घर के अंदर से चल रही 1 दुकान पर भी ताला जड़ा गया है.
बिना लाइसेंस होगी जेल
ईओ जब्बर सिंह ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस के कोई भी मीट की दुकान नहीं खोली जा सकेगी. लाइसेंस धारकों को भी अपने दस्तावेज पहले नगरपालिका कार्यालय में प्रस्तुत करने अनिवार्य होंगे.
सख्त कानूनी चेतावनी
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी. शहर में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.
जनता से शांति की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है. क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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