जयपुर | राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सामान्य संवर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने सत्र 2024-25 की प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों के लिए बजट का आवंटन कर दिया है। इस योजना के तहत राज्य भर के 334 मेधावी विद्यार्थियों को एकमुश्त 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके लिए वित्त विभाग ने कुल 50 लाख 10 हजार रुपये का बजट जिला शिक्षा अधिकारियों को हस्तांतरित कर दिया है।
यह लाभ राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2017-18 घोषणा संख्या 155 की अनुपालना में दिया जा रहा है। वित्तीय सलाहकार संजय धवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह राशि चयनित विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) या नियमानुसार हस्तांतरित की जाएगी। इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलेगी।
दौसा जिले का दबदबा:
जारी की गई सूची में दौसा जिले ने बाजी मारी है, जहाँ सर्वाधिक 45 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इसके लिए जिले को 6.75 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं धौलपुर 29 विद्यार्थियों के साथ दूसरे और जयपुर 19 विद्यार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख जिलों में उदयपुर और राजसमंद के 21-21 विद्यार्थी, बाड़मेर के 16, कोटा के 11 और जोधपुर के 7 विद्यार्थी शामिल हैं। इसके विपरीत झुंझुनूं और टोंक जिले से केवल 1-1 विद्यार्थी का ही इस योजना के लिए चयन हो पाया है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
इस योजना का उद्देश्य सामान्य संवर्ग के उन छात्रों को प्रोत्साहित करना है जो शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट हैं लेकिन आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। प्रति विद्यार्थी 15,000 रुपये की यह राशि एकमुश्त सहायता के रूप में दी जाती है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बजट का वितरण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए ताकि पात्र विद्यार्थियों तक इसका लाभ समय पर पहुँच सके।
Ad
Must Read: पंचायत चुनाव में देरी: राजस्थान को नहीं मिला 3000 करोड़ का केंद्रीय फंड, विकास कार्य अटके
पढें राज्य खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.
- Follow us on :
राजनीति