Highlights
- राजस्थान में 45 लाख नाम गायब;
- डोटासरा का भाजपा पर 'वोट चोरी' का आरोप;
- अमित शाह और बी.एल. संतोष पर साधा निशाना;
- झुंझुनू और मंडावा में हजारों नाम काटने का दावा।
नई दिल्ली | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। डोटासरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
डोटासरा ने दावा किया कि राजस्थान में 'सस्पेंशन, इंप्रूवमेंट एंड रोटेशन' (SIR) की प्रक्रिया के बाद जो ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई है, उसमें से लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम गायब हैं। उन्होंने कहा कि इन नामों को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत' (Absent, Shifted, Death) श्रेणी में डालकर सोची-समझी रणनीति के तहत सूची से बाहर कर दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी कवायद भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
भाजपा की कथित 'गुप्त रणनीति' का पर्दाफाश
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 3 जनवरी को भाजपा के संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के राजस्थान दौरे के बाद से ही मतदाता सूची में फर्जी तरीके से नाम जोड़ने और काटने का खेल शुरू हुआ। उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 17 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच भाजपा के 937 बीएलए (BLA) के माध्यम से 5,694 वोट काटने के आवेदन दिए गए, जबकि इसकी तुलना में कांग्रेस के 110 बीएलए के माध्यम से केवल 2 नाम हटाने के आवेदन दिए गए थे। डोटासरा ने कहा कि यह अंतर ही भाजपा की मंशा को स्पष्ट करने के लिए काफी है।
डोटासरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि 13 जनवरी को उनके राजस्थान आगमन के बाद इस पूरी प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आई। उन्होंने आरोप लगाया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट किए गए और विशेष रूप से उन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया जहां कांग्रेस पार्टी ने पिछले चुनावों में जीत दर्ज की थी।
विभिन्न जिलों के चौंकाने वाले आंकड़े
प्रेस वार्ता में डोटासरा ने कुछ विशिष्ट क्षेत्रों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए जो भाजपा की सक्रियता पर सवाल उठाते हैं:
- झुंझुनू जिले में एक ही दिन में नाम काटने के 13,882 फॉर्म 7 लिए गए।
- मंडावा विधानसभा क्षेत्र में रिकॉर्ड 16,276 फॉर्म जमा किए गए।
- उदयपुरवाटी में 1,241 और खेतड़ी में 1,478 फॉर्म लिए गए।
- कुल मिलाकर 1,40,000 फॉर्म तो रजिस्टर भी करवा दिए गए हैं।
डोटासरा ने आशंका जताई कि भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलीभगत कर कांग्रेस विचारधारा वाले लोगों के नाम काटने के लिए समय सीमा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि 13, 14 और 15 जनवरी को हजारों की संख्या में नाम काटे जाने के आंकड़े सामने आए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि इस अनियमितता को नहीं सुधारा गया, तो पार्टी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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