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- बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने टोल को बताया बीमारी. वसुंधरा सरकार के समय टोल खत्म करने का दिया हवाला. पूरे राजस्थान को टोल मुक्त करने का पीडब्ल्यूडी मंत्री से किया निवेदन.
जयपुर | राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को एक बार फिर स्टेट हाईवे को टोल मुक्त करने की मांग गूंजी। बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने प्रदेश के टोल नाकों को एक 'बीमारी' करार देते हुए इन्हें तुरंत बंद करने का आग्रह किया है। सदन में पर्ची के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए कोली ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा निशाना साधा और वर्तमान पीडब्ल्यूडी मंत्री से पूरे राजस्थान को टोल फ्री करने का विशेष निवेदन किया।
विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में पुरानी नीति का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के दौरान स्टेट टोल खत्म कर दिए गए थे, जिससे आम जनता और विशेषकर किसानों को बड़ी राहत मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में आई कांग्रेस सरकार ने इन टोल नाकों को दोबारा शुरू कर जनता पर वित्तीय बोझ डाल दिया। कोली ने कहा, 'मैं इस टोल की बीमारी के बारे में सदन को अवगत कराना चाहता हूं क्योंकि यह आम आदमी की जेब पर सीधा प्रहार है और इसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए।'
अपने विधानसभा क्षेत्र 'वैर' का उदाहरण देते हुए विधायक ने बताया कि वहां टोल का एक जाल बिछा हुआ है जिससे जनता को लूटा जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इकरामपुर टोल के महज 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में ही भुसावर और छोकरवाड़ा जैसे अन्य टोल नाके स्थित हैं। कोली के अनुसार, इतने कम फासले पर बार-बार टोल वसूली से किसान और स्थानीय वाहन चालक पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं।
अंत में, कोली ने पीडब्ल्यूडी मंत्री से पुरजोर मांग की कि इस समस्या का समाधान केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे राजस्थान में लागू किया जाए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सरकार अपनी पुरानी 'टोल-मुक्त' नीति को पुनः बहाल करती है, तो प्रदेशवासियों को महंगाई से बड़ी निजात मिलेगी और सफर सुगम होगा। अब सभी की नजरें सरकार के आगामी रुख पर टिकी हैं।
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