राजस्थान में कड़ाके की ठंड और कोहरा: राजस्थान में घना कोहरा और शीतलहर का कहर जयपुर में विजिबिलिटी शून्य 25 जिलों में स्कूल बंद

राजस्थान में घना कोहरा और शीतलहर का कहर जयपुर में विजिबिलिटी शून्य 25 जिलों में स्कूल बंद
Weather of Rajasthan
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Highlights

  • जयपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है और विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई है।
  • कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्य के 25 जिलों में 8वीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं।
  • मौसम विभाग ने करौली सवाई माधोपुर और कोटा समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
  • माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है और आगामी 10 जनवरी तक राहत की उम्मीद नहीं है।

जयपुर | राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई है।

कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात और रेल सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। विजिबिलिटी कम होने के कारण कई उड़ानें और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं।

स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा

मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 25 जिलों में प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।

जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी ठंड का भारी असर देखा जा रहा है। जोधपुर में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से कर दिया गया है ताकि बच्चों को परेशानी न हो।

जयपुर में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों में 10 जनवरी तक अवकाश रहेगा। वहीं हनुमानगढ़ और सीकर में भी 10 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

श्रीगंगानगर में नर्सरी से 5वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 12 जनवरी तक छुट्टियां रहेंगी। प्रशासन ने यह निर्णय बच्चों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए लिया है।

ठंड से मौतों की आशंका

मंगलवार की तरह बुधवार को भी जयपुर अजमेर और कोटा जैसे शहरों में कोहरे की घनी चादर लिपटी रही। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।

जोधपुर के लूणी स्टेशन पर एक साधु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक ठंड के कारण ही उनकी मृत्यु हुई है।

माउंट आबू में न्यूनतम तापमान एक बार फिर जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। यहां की वादियों में बर्फ की पतली परत जमी हुई देखी जा सकती है जो कड़ाके की ठंड का प्रमाण है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। विभाग ने 10 जनवरी तक प्रदेश में इसी तरह की ठंड और कोहरा बने रहने का अनुमान लगाया है।

तापमान में भारी गिरावट

पिलानी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सबसे कम रहा। इसके अलावा चूरू और झुंझुनूं में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

चूरू में अधिकतम तापमान 12.1 डिग्री और झुंझुनूं में 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में देखा गया है।

अजमेर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री और भीलवाड़ा में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री जबकि जयपुर में 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

सीकर और पिलानी में भी पारा काफी नीचे गिर गया है जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। उदयपुर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जो सामान्य से कम है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने करौली सवाई माधोपुर बूंदी और कोटा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में घने कोहरे के साथ साथ भीषण शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है।

अलवर सीकर और चूरू जैसे जिलों में भी शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर सकता है जिससे पाला पड़ने का खतरा है।

भरतपुर और धौलपुर जिलों में भी कोहरे का जबरदस्त प्रभाव देखा जा रहा है। यहां सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई जिससे यातायात बाधित हुआ है।

झालावाड़ बारां और टोंक में भी कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी 48 घंटों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।

यातायात और जनजीवन पर प्रभाव

सड़क परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी है। कोहरे के दौरान गति सीमा कम रखने और फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने को कहा गया है।

बिजली विभाग ने भी ठंड के कारण बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में हीटर और गीजर के उपयोग से बिजली की खपत अचानक बढ़ी है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों को कोल्ड वेव के मद्देनजर अलर्ट पर रखा है। ठंड के कारण हृदय और श्वसन संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

किसानों के लिए भी यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। रबी की फसलों पर पाला पड़ने की आशंका से कृषि विभाग ने किसानों को बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।

विभिन्न जिलों में अवकाश की स्थिति

बूंदी और बारां में 7 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। दौसा और चित्तौड़गढ़ में भी प्रशासन ने 7 जनवरी तक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

प्रतापगढ़ में 8 जनवरी तक और झालावाड़ में 10 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे। डूंगरपुर और भीलवाड़ा में भी 8 जनवरी तक अवकाश की घोषणा की गई है।

टोंक और भरतपुर में भी 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टियां रहेंगी। नागौर और डीडवाना कुचामन में भी प्राथमिक कक्षाओं के लिए 8 जनवरी तक छुट्टी के आदेश हैं।

राजसमंद और पाली में भी 8 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोटपूतली बहरोड़ और सवाई माधोपुर में 10 जनवरी तक नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी रहेगी।

आगामी मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। आने वाले एक हफ्ते तक राजस्थान में मौसम का मिजाज इसी तरह कड़ा बना रहने वाला है।

9 और 10 जनवरी को भी भरतपुर और धौलपुर में कोहरे का येलो अलर्ट रहेगा। करौली और सवाई माधोपुर में भी कोहरे की स्थिति गंभीर बनी रहने की संभावना है।

गंगानगर और हनुमानगढ़ में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। इन जिलों में रात का पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें। विशेष रूप से रात के समय यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।

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