साध्वी प्रेम बाईसा की मौत और रहस्यमयी इंस्टाग्राम पोस्ट का सच: जोधपुर: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, निधन के 4 घंटे बाद आए इंस्टाग्राम पोस्ट ने पुलिस को उलझाया

जोधपुर: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, निधन के 4 घंटे बाद आए इंस्टाग्राम पोस्ट ने पुलिस को उलझाया
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Highlights

  • साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
  • इंजेक्शन लगने के 5 मिनट बाद ही साध्वी ने तोड़ा दम।
  • मौत के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट से मचा हड़कंप।
  • पुलिस ने आरोपी कंपाउंडर को हिरासत में लेकर जांच शुरू की।
  • पिता वीरम नाथ ने इंस्टाग्राम पोस्ट की सच्चाई पर से उठाया पर्दा।

जोधपुर | राजस्थान के सांस्कृतिक केंद्र जोधपुर से एक ऐसी हृदयविदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है जिसने पूरे आध्यात्मिक समाज और सोशल मीडिया जगत को स्तब्ध कर दिया है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक व्यक्तित्व साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई अचानक मृत्यु ने कई अनुत्तरित प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह मामला न केवल एक चिकित्सा लापरवाही की ओर संकेत करता है बल्कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट से उनकी मृत्यु के बाद साझा किए गए एक पोस्ट ने इस पूरी घटना को एक सस्पेंस थ्रिलर जैसा मोड़ दे दिया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की हर सूक्ष्म पहलू से जांच कर रहा है ताकि सत्य को सामने लाया जा सके। साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु 29 जनवरी को हुई थी और तब से ही जोधपुर पुलिस के कमिश्नर ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई है।

घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि साध्वी प्रेम बाईसा पिछले कुछ दिनों से सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थीं। उनके स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाया गया था। साध्वी के पिता और उनके आध्यात्मिक गुरु वीरम नाथ के अनुसार उस कंपाउंडर ने साध्वी को एक इंजेक्शन लगाया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इंजेक्शन लगने के मात्र 5 मिनट के भीतर ही साध्वी की स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस त्वरित मृत्यु ने चिकित्सा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उस कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है और मौके से इंजेक्शन के खाली खोल तथा अन्य संबंधित चिकित्सा सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि उनकी फॉरेंसिक जांच की जा सके।



हालांकि इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब साध्वी के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा और भावुक संदेश पोस्ट किया गया। साध्वी प्रेम बाईसा सोशल मीडिया पर अत्यंत सक्रिय थीं और उनके लगभग 7 लाख फॉलोअर्स थे जो उनकी शिक्षाओं और सनातन धर्म के प्रति उनके समर्पण के कायल थे। बुधवार 29 जनवरी के दिन जब उनकी मृत्यु की खबर चारों ओर फैल चुकी थी, तभी उनके इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया गया जिसने सभी को हैरान कर दिया। इस पोस्ट में साध्वी ने लिखा था कि उन्होंने अपने जीवन का हर क्षण सनातन धर्म के प्रचार के लिए समर्पित किया है और दुनिया में इससे बड़ा कोई धर्म नहीं है। पोस्ट में यह भी उल्लेख था कि अंतिम श्वास तक उनके हृदय में सनातन ही बसा है।

इस पोस्ट की भाषा किसी सुसाइड नोट या अंतिम विदाई संदेश की तरह प्रतीत हो रही थी। पोस्ट में आगे लिखा गया था कि उन्हें आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान और देश के महान संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त रहा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अग्नि परीक्षा के लिए भी निवेदन किया था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। पोस्ट की एक पंक्ति अधूरी थी जिसमें उन्होंने दुनिया को अलविदा कहने की बात कही थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने लिखा था कि यदि जीते जी न्याय नहीं मिला तो जाने के बाद अवश्य न्याय मिलेगा। यह पोस्ट उनकी मृत्यु के लगभग 4 घंटे बाद सार्वजनिक हुआ था जिसने पुलिस की जांच की दिशा में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि यदि साध्वी की मृत्यु शाम 5 बजे के आसपास हो गई थी तो उनकी मृत्यु के घंटों बाद यह पोस्ट किसने और कैसे किया। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए जब पुलिस ने साध्वी के पिता वीरम नाथ से पूछताछ की तो उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वीरम नाथ ने बताया कि साध्वी अपने पिता के बहुत करीब थीं क्योंकि उनकी माता का देहांत उनके बचपन में ही हो गया था। पिता ने ही उन्हें पाला और वे उनके गुरु भी थे। पिता ने मीडिया को बताया कि वह इंस्टाग्राम पोस्ट साध्वी के मोबाइल फोन से ही किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी मृत्यु से पूर्व साध्वी ने अपने एक साथी गुरु महाराज से मोबाइल पर यह संदेश डालने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि साध्वी अपने अंतिम समय में न्याय की मांग कर रही थीं।

फिलहाल जोधपुर पुलिस इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देख रही है। पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उस इंजेक्शन में कोई ऐसी दवा थी जो जानलेवा साबित हुई या यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण संयोग था। साथ ही इंस्टाग्राम पोस्ट के समय और पिता के दावों का तकनीकी सत्यापन भी किया जा रहा है। साध्वी के अनुयायियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। वे लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि साध्वी की मृत्यु प्राकृतिक थी, चिकित्सा लापरवाही का परिणाम थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। सनातन धर्म के प्रचार में जुटी एक युवा साध्वी का इस प्रकार जाना आध्यात्मिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

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