Highlights
- पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों के पास से 5.242 किलोग्राम नकली सोना बरामद हुआ।
- आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर गड़ा हुआ धन निकालने का दावा करते थे।
- सरकारी कर्मचारियों और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाते थे ठग।
निवाई | टोंक जिले की निवाई थाना पुलिस ने तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश मीणा और उसके एक साथी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली सोना बरामद किया गया है जिसे वे असली बताकर लोगों को ठगते थे। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय ठगों के बीच हड़कंप मच गया है।
रहस्यमयी घड़े का सच आया सामने
इस पूरे मामले की शुरुआत 3 दिसंबर को हुई थी जब सिंदड़ा गांव की देवरी ढाणी में एक चारागाह जमीन पर पूजा-अर्चना का सामान मिला था। स्थानीय ग्रामीणों को अंदेशा हुआ कि वहां जमीन में कोई प्राचीन खजाना दबा हुआ है।
सूचना मिलने पर तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से खुदाई करवाई थी। करीब आधे घंटे की खुदाई के बाद जमीन से एक बड़ा धातु का घड़ा निकला था।
उस समय घड़े में सोने जैसी दिखने वाली धातु के टुकड़े मिले थे जिसे देखकर लोग हैरान रह गए थे। लेकिन अब पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई प्राचीन खजाना नहीं बल्कि ठगी का एक जाल था।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
निवाई थाना के सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि 4 जनवरी की रात को पुलिस टीम झिलाई बाइपास पुलिया पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक कार में दो युवक नकली सोना बेचने की फिराक में खड़े हैं।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सर्विस रोड पर खड़ी कार को चारों तरफ से घेर लिया। कार में बैठे युवकों से जब पूछताछ की गई तो वे घबराने लगे और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से टोंक के निवासी हैं लेकिन वर्तमान में जयपुर के प्रताप नगर इलाके में रह रहे थे।
भारी मात्रा में नकली सोना बरामद
पुलिस ने जब आरोपियों की जामा तलाशी ली तो उनके पास से पीतल और तांबे से बनी ईंटें और बिस्किट बरामद हुए। मुकेश की जेब से करीब ढाई किलो वजनी धातु की ईंट और कई गोल ढली बरामद हुईं।
वहीं अभिषेक के पास से भी तीन बड़ी ढली और सोने जैसे दिखने वाले बिस्किट मिले। कुल मिलाकर पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना जब्त किया है।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे तांबे और पीतल की धातुओं पर सोने की परत चढ़ाते थे। इसके बाद वे भोले-भले लोगों को कम दाम में असली सोना देने का लालच देकर फंसाते थे।
अघोरी महाराज बनकर करते थे ठगी
निवाई पुलिस उपाधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी मुकेश मीणा खुद को तत्काल अघोरी महाराज बताता था। वह तंत्र-मंत्र का नाटक कर लोगों को विश्वास दिलाता था कि वह जमीन में दबा धन देख सकता है।
आरोपी पहले से ही किसी सुनसान जगह पर नकली सोने से भरा घड़ा दबा देते थे। इसके बाद वे शिकार को वहां ले जाकर पूजा-पाठ का नाटक करते और जमीन से घड़ा निकालकर दिखाते थे।
लोगों को लगता था कि तांत्रिक की शक्तियों के कारण खजाना मिला है। इस झांसे में आकर लोग आरोपियों को लाखों रुपये दे देते थे।
शिक्षित और प्रतिष्ठित लोग थे निशाने पर
टोंक जिला विशेष टीम के प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम करता था। वे अक्सर सरकारी कर्मचारियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों को अपना निशाना बनाते थे।
इसके पीछे मुख्य कारण यह था कि ठगी का शिकार होने के बाद ये लोग अपनी बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। आरोपी इसी बात का फायदा उठाकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
आरोपी ठगी करने के बाद पीड़ित को हिदायत देते थे कि घड़े को 20 दिनों तक नहीं खोलना है। वे कहते थे कि अगर पहले खोला गया तो तांत्रिक क्रिया खंडित हो जाएगी और सोना मिट्टी बन जाएगा।
पुलिस की अपील और आगे की जांच
जब पीड़ित व्यक्ति कुछ दिनों बाद घड़ा खोलता और उसे पता चलता कि सोना नकली है तो आरोपी सारा दोष पीड़ित पर ही मढ़ देते थे। वे कहते थे कि तुमने नियमों का पालन नहीं किया इसलिए सोना पीतल में बदल गया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी कार और नकली सोना जब्त कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के अंधविश्वास और लालच में न आएं। किसी भी तांत्रिक या गड़े हुए धन के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं।
निवाई पुलिस इस मामले में अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। उम्मीद है कि पूछताछ में ठगी की कई और बड़ी वारदातों का खुलासा हो सकता है।
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