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विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर गिरफ्तार: विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर और वेंडर गिरफ्तार, डॉक्टर से 30 करोड़ हड़पे

Pradeep Beedawat

उदयपुर पुलिस (Udaipur Police) ने मुंबई (Mumbai) से फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) के को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी (Mehboob Ansari) और वेंडर संदीप त्रिलोभन (Sandeep Trilobhan) को गिरफ्तार किया है। इन पर एक डॉक्टर से मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।

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HIGHLIGHTS

  • विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर और वेंडर मुंबई से गिरफ्तार। उदयपुर के डॉक्टर से 30 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप। फिल्म बनाने के नाम पर 200 करोड़ की कमाई का लालच दिया गया। आरोपियों को 23 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
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विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर गिरफ्तार

उदयपुर: उदयपुर पुलिस (Udaipur Police) ने मुंबई (Mumbai) से फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) के को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी (Mehboob Ansari) और वेंडर संदीप त्रिलोभन (Sandeep Trilobhan) को गिरफ्तार किया है। इन पर एक डॉक्टर से मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।

उदयपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई से फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी और वेंडर संदीप त्रिलोभन को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उदयपुर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में की गई है। पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को उदयपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 23 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, जिससे इस बड़े धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश हो सके।

गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड

डीएसपी छगन पुरोहित ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई के मीरा रोड, ठाणे निवासी को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी और राणानगर, रतीबंदर, पुरानी मुंबई-पुणे हाईवे निवासी वेंडर संदीप त्रिलोभन को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच उदयपुर लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और आगे की जांच के लिए दोनों को पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। पुलिस इस दौरान उनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि धोखाधड़ी की पूरी चेन और इसमें शामिल सभी लोगों का पता लगाया जा सके।

डॉक्टर से 30 करोड़ की ठगी का मामला

यह पूरा मामला उदयपुर के इंदिरा आईवीएफ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया से जुड़ा है। डॉ. मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी पर एक बायोपिक फिल्म बनाने की इच्छा जताई थी। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात आरोपी दिनेश कटारिया से हुई, जिसने उन्हें फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट से मिलवाया। आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों ने डॉ. मुर्डिया को फिल्म निर्माण में 200 करोड़ रुपए तक की कमाई का झांसा दिया। इस बड़े मुनाफे के लालच में डॉ. मुर्डिया ने कथित तौर पर 30 करोड़ रुपए का निवेश कर दिया, जो बाद में हड़प लिए गए।

इन 8 आरोपियों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

डॉ. अजय मुर्डिया ने इस धोखाधड़ी के संबंध में कुल आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन आरोपियों में फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी, बेटी कृष्णा (निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई), दिनेश कटारिया (निवासी सहेली नगर, उदयपुर), प्रोड्यूसर महबूब अंसारी (निवासी ठाणे), मुदित बुटट्टान (निवासी दिल्ली), गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव (डीएससी चेयरमैन), और अशोक दुबे (जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्प्लॉइज, मुंबई) शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

कैसे दिया गया था कमाई का झांसा?

पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. मुर्डिया अपनी पत्नी की बायोपिक बनाने के लिए दिनेश कटारिया के संपर्क में आए थे। कटारिया ने 25 अप्रैल 2024 को डॉ. मुर्डिया को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो में विक्रम भट्ट से मिलवाया। आरोप है कि विक्रम भट्ट ने डॉ. मुर्डिया को आश्वस्त किया था कि फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कार्य वह स्वयं संभाल लेंगे और डॉ. मुर्डिया को केवल पैसे भेजने होंगे। भट्ट ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और बेटी दोनों फिल्म निर्माण के कार्य में सहयोगी हैं और उन्होंने श्वेतांबरी भट्ट के नाम से वीएसबी एलएलपी (VSB LLP) नामक एक पंजीकृत फर्म भी बना रखी है। इसी फर्म के माध्यम से कथित तौर पर पैसों का लेनदेन किया गया था।

यह मामला बॉलीवुड और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों की साख पर सवाल उठाता है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और सभी दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे। इस धोखाधड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, जिसमें पैसों के लेनदेन और फिल्म निर्माण की वास्तविक स्थिति शामिल है।

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