Highlights
- बाड़मेर शिविर में प्रभारी सचिव ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर फटकारा।
- भाजपा नेता ने नगर परिषद में भ्रष्टाचार और सिफारिश से काम होने का आरोप लगाया।
- कलेक्टर टीना डाबी ने आरोपों को गलत बताते हुए स्पष्टीकरण दिया।
- सड़कों की मरम्मत और पट्टों के मुद्दों पर त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
बाड़मेर: बाड़मेर (Barmer) में प्रभारी सचिव सुबीर कुमार (Subir Kumar) ने शहरी समस्या समाधान शिविर का निरीक्षण किया, जहां आयुक्त और प्रशासक अनुपस्थित मिले। उन्होंने अधिशाषी अभियंता को फटकारा। भाजपा नेता राकेश कुलदीप (Rakesh Kuldeep) ने भ्रष्टाचार और काम में देरी का आरोप लगाया, जिसे कलेक्टर टीना डाबी (Tina Dabi) ने गलत बताया।
शुक्रवार को बाड़मेर नगर परिषद में लगे शहरी समस्या समाधान शिविर का निरीक्षण करने प्रभारी सचिव सुबीर कुमार पहुंचे। शाम करीब 5 बजे शिविर में आयुक्त श्रवण सिंह राजावत और प्रशासक राजेंद्र सिंह चांदावत अनुपस्थित पाए गए।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी देखकर प्रभारी सचिव ने नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन) सूर्य प्रकाश संचेती को फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि बिना आयुक्त के कैंप कैसे चल रहा है और ऐसा कौन सा बुखार हो गया है कि अधिकारी मौजूद नहीं हैं।
प्रभारी सचिव का औचक निरीक्षण और अधिकारियों को फटकार
प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने अधिशाषी अभियंता संचेती से पूछा कि यह शिविर कब से चल रहा है। एक्सईएन ने जवाब दिया कि यह शिविर पिछले तीन दिनों से चल रहा है और आज इसका चौथा दिन था।
सचिव ने जोर देकर कहा कि यहां कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं है और बिना आयुक्त के यह कैंप संचालित हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब कोई समस्या का समाधान करने वाला अधिकारी ही नहीं है, तो लोगों की समस्याओं का निराकरण कैसे होगा।
इसी दौरान वहां खड़े एक व्यक्ति ने भी शिकायत की कि उनकी पिछली बार बताई गई सड़कों के लिए आज तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक ही कर्मचारी को चार-चार, पांच-पांच काम सौंप दिए गए हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है।
भाजपा नेता के गंभीर आरोप और कलेक्टर का जवाब
शिविर में मौजूद भाजपा नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी राकेश कुलदीप ने नगर परिषद के कर्मचारियों और जिला कलेक्टर टीना डाबी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ उन्हीं लोगों के काम होते हैं जिनकी सिफारिश होती है या जो पैसे देते हैं।
कुलदीप ने शिकायत की कि नगर परिषद में गारंटी पीरियड में ही सड़कें टूट गई हैं और दो साल से सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अधिकारियों को दस बार इस बारे में सूचित किया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, आरोपों के ठीक पांच मिनट बाद कलेक्टर टीना डाबी कैंप में पहुंचीं और उन्होंने भाजपा नेता के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह लोग सिर्फ आरोप लगाने और सुनाने आए हैं, सुनने नहीं।
सड़कों के वर्क ऑर्डर पर अधिकारियों का स्पष्टीकरण
एक्सईएन ने प्रभारी सचिव को बताया कि बजट घोषणा में सड़कों की घोषणा हुई थी और उनके वर्क ऑर्डर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि पांच पैकेज, प्रत्येक चार-चार करोड़ रुपये के, तैयार किए गए हैं।
एक्सईएन ने जानकारी दी कि पिछले महीने के आखिरी सप्ताह में वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इन परियोजनाओं में लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़कें शामिल हैं।
भाजपा नेता कुलदीप ने विशेष रूप से जाटियों का नया वास वार्ड संख्या 17, 18 और 22 की सड़कों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के वर्क ऑर्डर जनवरी 2024 से अंतिम चरण में थे, लेकिन दो साल बाद भी जारी नहीं हुए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 25 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। इस पर प्रभारी सचिव ने आश्वासन दिया कि काम जल्द ही चालू हो जाएगा।
अन्य शहरी समस्याओं पर चर्चा और समाधान के निर्देश
प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने मीडिया से भी बातचीत की और बताया कि डीएलपी (डिफेक्ट लेवललिटी पीरियड) सड़कों को लेकर कई मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर पीडब्ल्यूडी, आरयूडीपी और नगर परिषद के साथ समन्वय समिति की बैठक करेंगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन विभागों के सक्षम अधिकारी मिलकर शहर में टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत के लिए समन्वित प्रयास करें। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि पानी की समस्या का भी शीघ्र समाधान हो जाएगा।
शिविर में लोगों ने पट्टों से संबंधित अपनी समस्याएं भी रखीं। कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को निगरानी में रखा गया है। सरकारी भूमि पर पट्टे जारी करने के मामले को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए सचिव ने कहा कि इसके लिए सरकार से निवेदन किया जाएगा।
भविष्य की कार्रवाई और अधिकारियों को निर्देश
निरीक्षण के बाद प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने अधिकारियों को सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
यह घटना शहरी प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है। अधिकारियों की अनुपस्थिति और काम में देरी के आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
राजनीति