पहले उपराष्ट्रपति के दौरे पर तंज: CM अशोक गहलोत ने कहा केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास कोई काम नहीं, अब तो राजस्थान में बस राष्ट्रपति का आना बाकी

CM अशोक गहलोत ने कहा केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास कोई काम नहीं, अब तो राजस्थान में बस राष्ट्रपति का आना बाकी
Ashok Gehlot
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अब राष्ट्रपति के राजस्थान आने को लेकर तंज कसा है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अब केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास कोई काम नहीं रहा है।

अलवर |  उपराष्ट्रपति के राजस्थान दौरों को लेकर निशाना साधने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अब राष्ट्रपति के राजस्थान आने को लेकर तंज कसा है। 

अलवर के बहरोड में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार इन दिनों राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यहां उपराष्ट्रपति व राज्यपाल के दौरे करवा रही है।

केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास कोई काम नहीं

सीएम गहलोत ने कहा कि अब केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास कोई काम नहीं रहा है। 

वह आए दिन राजस्थान के दौरे पर रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (Narendra Modi) खुद एक साल में राजस्थान में सात-आठ बार आ चुके हैं। अब तो बस राष्ट्रपति का आना बाकी है। 

उपराष्ट्रपति के दौरों पर भी जताई थी आपत्ति

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के लगातार राजस्थान दौरे को लेकर भी बयानबाजी कर चुके हैं। 

गहलोत ने हाल ही में एक जनसंवाद कार्यक्रम में कहा था कि उपराष्ट्रपति के बार-बार राजस्थान दौरों की जरूरत पर सवाल उठाया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि यह जनता की धारणा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब राज्य चुनाव के मोड़ पर हो।

इस दौरान गहलोत ने कहा था कि, हम संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं, चाहे वह राज्यपाल हों या उपराष्ट्रपति, लेकिन हम इस बात की भी चिंता करते हैं कि इन संस्थानों का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है या नहीं।

केंद्र सरकार राज्य में कर रही हस्तक्षेप

उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति के दौरों से यह भी सवाल उठता है कि राज्य में उनके पास क्या काम है। 

उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति के दौरों के दौरान कई केंद्रीय मंत्री भी राज्य का दौरा कर रहे हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार राज्य में हस्तक्षेप कर रही है।

गहलोत ने कहा, हम चाहते हैं कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी भूमिका निभाएं और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग न की जाएं।

हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि वह किसी भी तरह से इन संस्थानों की आलोचना नहीं कर रहे हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान में आगामी डेढ-दो महीने में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्रियों के लगतार दौरों से राजस्थान की जनता का मन परिवर्तन होने की आशंका के चलते गहलोत सरकार चिंतित हो सकती है। 

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