गहलोत का हाथ छोड़ गए हमशक्ल: रामेश्वर दाधीच ने थामा भाजपा का दामन

रामेश्वर दाधीच ने थामा भाजपा का दामन
Rameshwar Dadhich Join BJP
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भाजपा ज्वॉइन करने के बाद रामेश्वर दाधीच ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो राम मंदिर कभी नहीं बनता।

जयपुर |  Rameshwar Dadhich joins BJP:  राजस्थान में अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार और कांग्रेस को झटके लगना लगातार जारी है। 

मतदान से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को उन्हीं के दिग्गज नेता ने झटका दिया है। 

जोधपुर के पूर्व महापौर और दिग्गज कांग्रेसी नेता रामेश्वर दाधीच (Rameshwar Dadhich) ने सीएम अशोक गहलोत का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। 

भाजपा ज्वॉइन करने के बाद रामेश्वर दाधीच ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो राम मंदिर कभी नहीं बनता।

दाधीच को भाजपा में शामिल कराने में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अहम भूमिका निभाई।

राजधानी जयपुर में गुरुवार को जोधपुर नगर निगम के पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच और दौसा के पूर्व जिला प्रमुख विनोद शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी ज्वाइन की। 

दाधीच ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की निर्णय लेने की  क्षमता से मैं बहुत प्रभावित रहा हूं। 

राम जन्मभूमि का जो मामला लंबित था, देशभर के लोग टकटकी लगाए हुए थे उसको गति देकर पीएम मोदी ने बहुत ही अच्छा काम किया है। 

मेरा मानना है कि नरेंद्र मोदी अगर प्रधानमंत्री नहीं होते तो राम मंदिर नहीं बनता।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रदेश सहप्रभारी विजया राहटकर, सांसद राजेंद्र गहलोत और चुनाव प्रबंधन समिति संयोजक नारायण पंचारिया ने सभी को पार्टी का दुपट्टा ओढ़ाकर दाधीज को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई।

सीएम गहलोत के कहे जाते हैं हमशक्ल 

बता दें कि कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज जोधपुर की सूरसागर विधानसभा सीट से रामेश्वर दाधीच ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय नामांकन भरा था।

हालांकि, नामंकन वापसी के अंतिम दिन उग्र तेवल ढीले करते हुए नाम वापस ले लिया और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली। 

बता दें कि रामेश्वर दाधीच की शक्ल सीएम अशोक गहलोत से काफी मिलती-जुलती नजर आती है, ऐसे में उन्हें सीएम गहलोत का हमशक्ल भी कहा जाता है। 

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