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Ashok Gehlot/Gajendra singh shekhawat: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मानहानि मामले में फैसला सुरक्षित रखा, 24 जून को होगा निर्णय

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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में नया मोड़ सामने आया है। अब इस मामले में कोर्ट 24 जून को अहम फैसला सुनाएगा। मानहानि के मामलों में शामिल सभी पक्षों के लिए अहम उनके अपने हित हैं। देखना होगा कि 24 जून को कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाए

HIGHLIGHTS

  • केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में नया मोड़ सामने आया है।
  • अब इस मामले में कोर्ट 24 जून को अहम फैसला सुनाएगा।
  • मानहानि के मामलों में शामिल सभी पक्षों के लिए अहम उनके अपने हित हैं। देखना होगा कि 24 जून को कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाएगा। और यह दोनों नेताओं के राजनीतिक करियर पर पड़ने वाले प्रभाव का भी निर्धारण करेगा।
court orders inquiry in criminal defamation case against chief minister ashok gehlot filed by union minister gajendra singh shekhawat
Ashok Gehlot and Gajendra Singh Shekhawat

Jaipur: Criminal Defamation Case Against Chief Minister Ashok Gehlot

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में नया मोड़ सामने आया है। अब इस मामले में कोर्ट 24 जून को अहम फैसला सुनाएगा। राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

इसके अलावा, वकील ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री चल रही जांच से संबंधित दस्तावेज का अनुरोध करने के हकदार नहीं हैं। 

आपराधिक मानहानि मामले ने जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह मामला भारतीय राजनीति को दो प्रमुख व्यक्तियों के बीच है अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री तो गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय जलशक्ति मंत्री के पद पर आसीन हैं और दोनों ही अपने-अपने दलों के भीतर महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं।

मानहानि के मामलों में शामिल सभी पक्षों के लिए अहम उनके अपने हित हैं। देखना होगा कि 24 जून को कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाएगा। और यह दोनों नेताओं के राजनीतिक करियर पर पड़ने वाले प्रभाव का भी निर्धारण करेगा।

यह था मामला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के परिवार को इस मामले में आरोपी बनाए जाने का बयान दिया था। इसमें उनकी दिवंगत माता का भी जिक्र किया। शेखावत ने इस कथन को मानहानिकारक माना और दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में यह प्रकरण दर्ज करवाया था।

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