जालोर | लगातार पंद्रह दिनों से जारी अनशन को मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, भीनमाल विधायक समरजीत सिंह, गंगा सिंह परमार, पूर्व आईएएस रविंद्र सिंह बालावत और दीप सिंह धनानी के विशेष आग्रह पर पीड़ित परिवार और सर्व समाज ने स्थगित कर दिया है।
जालोर: धरना स्थगित, गणपत सिंह हत्याकांड में सीबीआई जाँच की माँग
लगातार पन्द्रह दिन से जारी अनशन मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भीनमाल विधायक समरजीत सिंह गंगा सिंह परमार पूर्व आईएएस रविन्द्र सिंह बालावत और दीप सिंह धनानी के विशेष आग्रह पर पीड़ित परिवार और सर्व समाज ने धरना किया स्थगित
HIGHLIGHTS
- जाँच बदलने और लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को हटाने पर बनी सहमति पर जोगेश्वर गर्ग मुख्य सचेतक राजस्थान सरकार के आश्वासन पर अनशन किया स्थगित गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर बासडा धनजी धानसा सेरना मोदरान लूर लूर रोटा जोड़वाडा भीमपूरा बोरटा गाँव के लोग बैठे अनशन पर लगातार पन्द्रह दिन से जारी अनशन मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भीनमाल विधायक समरजीत सिंह गंगा सिंह परमार पूर्व आईएएस रविन्द्र सिंह बालावत और दीप सिंह धनानी के विशेष आग्रह पर पीड़ित परिवार और सर्व समाज ने धरना किया स्थगित
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जोगेश्वर गर्ग ने राजस्थान सरकार के आश्वासन पर अनशन को स्थगित करने का निर्णय लिया। इस दौरान, बासडा, धनजी, धानसा, सेरना, मोदरान, लूर, जोड़वाड़ा, भीमपुरा और बोरटा गाँव के लोग गणपत सिंह हत्याकांड के विरोध में अनशन पर बैठे थे।
साथ ही, सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर जालोर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि गणपत सिंह की हत्या के मामले का खुलासा करने में पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है।
ज्ञापन में बताया गया कि 28 अगस्त 2024 को गणपत सिंह पुत्र रणसिंह, जाति-राजपूत, निवासी-मांडोली, जिला जालोर की निर्मम हत्या को लगभग दो महीने हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जिससे पीड़ित परिवार में चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।
गणपत सिंह की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। मृतक के परिवार ने विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर बार-बार ज्ञापन, धरना और प्रदर्शन किया है। अनिश्चितकालीन धरना लगातार पंद्रह दिनों से जारी था, लेकिन मामले का खुलासा नहीं होने के कारण प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले के त्वरित खुलासे की मांग की है। यदि समय पर प्रकरण का खुलासा नहीं होता है, तो क्षेत्र के निवासियों और परिवारजन को उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।
इस दौरान गंगा सिंह परमार, पूर्व आईएएस, शेर सिंह परमार, सुरेंद्र सिंह परमार, रविंद्र सिंह बालावत, ईश्वर सिंह बालावत, सरपंच बासडा धनजी, शंभु सिंह, आबकारी निरीक्षक सेरना, विक्रम सिंह, जिलाध्यक्ष स्कूल परिवार, महेंद्र सिंह राठौड़, सरपंच धानसा, ईश्वर सिंह चाँदना, भेरू पाल सिंह दासपा अध्यक्ष सेवादल कांग्रेस, मांगू सिंह मोदरा, रतन सिंह, सरपंच जोड़वाड़ा, एडवोकेट श्रवण ढाका, प्रदेश सचिव यूथ कांग्रेस, मोड़ सिंह सरत, विक्रम सिंह सेरना, चंदन सिंह चम्पावत, उमेद सिंह मडगांव, भवर सिंह थलुंडा, सरपंच संघ जिलाध्यक्ष, पूरण सिंह आकोली, डायालाल लोहार, धुड सिंह, नैन सिंह राठौड़, आसुराम देवासी, अर्जुन सिंह धानसा, और जबर सिंह बालावत आदि उपस्थित थे।
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