Highlights
- फतेहपुर के पूर्व विधायक दिलसुख राय चौधरी का गुरुवार देर रात निधन हो गया।
- उन्होंने 1990 में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में जीत दर्ज की थी।
- चौधरी लगातार 12 वर्षों तक जसरासर पंचायत के सरपंच भी रहे थे।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
सीकर | राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दिलसुख राय चौधरी का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार दोपहर को उनके पैतृक गांव घस्सू में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और नेताओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
दिलसुख राय चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। वे लगातार 12 वर्षों तक जसरासर पंचायत के सरपंच रहे, जिससे उनकी जनता के बीच गहरी पकड़ बनी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1990 में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सहकारिता क्षेत्र में योगदान
चौधरी का पंचायत और सहकारिता क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे दो बार निर्विरोध सहकारी समिति के अध्यक्ष चुने गए थे, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। उनकी सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे और उनकी पत्नी विमला देवी दोनों ही पंचायत समिति सदस्य रह चुके हैं। उनकी बहू भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और स्थानीय विधायक हाकम अली ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। डोटासरा ने कहा कि चौधरी का निधन पार्टी और क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें एक सरल और मिलनसार व्यक्तित्व वाला नेता बताया जो हमेशा जनसेवा के लिए तत्पर रहते थे।
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