Highlights
- डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि एपस्टीन के साथ फोटो होने का मतलब गलत रिश्ता नहीं है।
- ट्रम्प ने बिल क्लिंटन की तस्वीरें सामने आने पर अफसोस जताया।
- अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन की मौत का फर्जी AI वीडियो जारी किया।
- दस्तावेजों में माइकल जैक्सन और ओपरा विनफ्रे जैसे नाम भी शामिल हैं।
JAIPUR | अमेरिकी (American) राष्ट्रपति (President) डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा कि जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) सेक्स फाइल्स (Sex Files) के सार्वजनिक होने से कई बेगुनाहों की प्रतिष्ठा खराब हो सकती है। फ्लोरिडा (Florida) के मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) रिसॉर्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फोटो होने से किसी का अपराध साबित नहीं होता।
बेगुनाहों की बदनामी का डर
ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि कई ऐसे लोग थे जिनका एप्सटीन के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था। वे बस कभी उससे मिले भर थे।
उन्होंने कहा कि उनकी भी एप्सटीन के साथ कुछ फोटो हैं, क्योंकि उस समय कई लोग उससे मिलते-जुलते थे। इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
बिल क्लिंटन की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया
जब ट्रम्प से पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की तस्वीरों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें क्लिंटन पसंद हैं और उनके अच्छे रिश्ते रहे हैं।
ट्रम्प के अनुसार, किसी पार्टी में फोटो खिंचवाने से गलत रिश्ता साबित नहीं होता। इससे सम्मानित बैंकरों और वकीलों की प्रतिष्ठा खराब हो रही है।
एपस्टीन की मौत का फर्जी वीडियो
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने एपस्टीन की जेल में मौत से जुड़ा एक वीडियो जारी किया, जो बाद में फर्जी पाया गया।
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, यह 12 सेकंड का वीडियो AI से बनाया गया था। सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद DOJ ने इसे अपनी वेबसाइट से हटा लिया।
फाइलों में बड़े नामों का जिक्र
जस्टिस डिपार्टमेंट ने जांच के तहत तीन लाख दस्तावेज जारी किए हैं। इनमें माइकल जैक्सन और ओपरा विनफ्रे जैसी हस्तियों की तस्वीरें शामिल हैं।
हालांकि, इन फाइलों में ट्रम्प का नाम लगभग नहीं के बराबर है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार को पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए।
एपस्टीन की संदिग्ध मौत
जेफ्री एपस्टीन की मौत 10 अगस्त 2019 को जेल में हुई थी। सरकारी रिपोर्ट ने इसे सुसाइड बताया, लेकिन एक्सपर्ट्स ने गला घोंटने की आशंका जताई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस रात एपस्टीन की मौत हुई, जेल के सुरक्षा कैमरे कई बार खराब हुए थे, जिससे मामले में रहस्य गहरा गया है।
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