Highlights
- व्याख्याता आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की मांग।
- खेजड़ी कटाई पर सरकार की चुप्पी पर सवाल।
- शिक्षकों की धार्मिक कार्यक्रमों में ड्यूटी पर डोटासरा का तंज।
जयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा ने शिक्षा विभाग, कानून व्यवस्था और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। एक व्याख्याता की आत्महत्या के मामले को उठाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि एसओजी के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल की गहन जांच की जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी वकालत की। डोटासरा ने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच जरूरी है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
खेजड़ी कटाई के मुद्दे पर डोटासरा ने सरकार की संवेदनहीनता पर प्रहार करते हुए कहा कि राजस्थान में खेजड़ी पूजनीय है और यह प्रदेश की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि करीब 50 हजार लोग धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार इस गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की स्थिति 'कोढ़ में खाज' जैसी हो गई है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि शिक्षकों का काम बच्चों को पढ़ाना है लेकिन उन्हें रामकथा और कुत्तों को भगाने जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी आखिर कब लगेगी? कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार में केवल आरएसएस का महिमामंडन हो रहा है जबकि आम जनता की समस्याओं और कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। डोटासरा के इन बयानों ने प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
राजनीति