जयपुर साइबर ठगी भंडाफोड़: जयपुर में वांटेड की तलाश के दौरान साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

जयपुर में वांटेड की तलाश के दौरान साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
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Highlights

  • पुलिस ने छापेमारी के दौरान 58 एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
  • गिरोह का सरगना दुबई से बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
  • आरोपी ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
  • मकान मालिक के खिलाफ किराएदार का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर कार्रवाई होगी।

जयपुर | बजाज नगर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है जब वे एक वांटेड अपराधी की तलाश में निकले थे। पुलिस न्यू सांगानेर रोड स्थित राधा विहार कॉलोनी के एक मकान में छापेमारी करने पहुंची थी।

वहां पुलिस को वांटेड अपराधी तो नहीं मिला लेकिन साइबर ठगी में लिप्त तीन शातिर युवक पकड़े गए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद किया है जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

तलाशी के दौरान विभिन्न बैंकों के 58 एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने चार लैपटॉप, 19 सिम कार्ड, दो पासबुक और दो चेकबुक भी बरामद की हैं।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार मानसरोवर निवासी दिनेश गवरानी और सोडाला निवासी नितिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ ही जयसिंपुरा खोर निवासी आर्यन सैनी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का खेल

ये तीनों आरोपी राधा विहार में किराए के मकान से अपना नेटवर्क चला रहे थे। ये लोग आम जनता को ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगते थे।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह का मुख्य सरगना दीपक अग्रवाल है। वह फिलहाल दुबई में बैठकर इस पूरे साइबर ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है।

थानाधिकारी पूनम चौधरी ने बताया कि आरोपी मकान की दूसरी मंजिल पर लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त थे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने गहन तलाशी ली और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की।

मकान मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई

जांच में यह भी सामने आया है कि मकान में रहने वाले किसी भी किराएदार का पुलिस सत्यापन नहीं करवाया गया था। इस गंभीर लापरवाही के लिए मकान मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों में साइबर अपराध के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और तकनीकी रूप से काफी एडवांस उपकरणों का उपयोग कर रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से बड़े साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ा है।

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