Highlights
- नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पद एवं गोपनीयता की विधिवत शपथ ली।
- 45 वर्ष से अधिक अनुभव वाले 15 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया।
- जस्टिस संदीप शाह ने जालोर को अपनी कर्मभूमि और तप की ऐतिहासिक भूमि बताया।
- जिला जज ने समाज में बढ़ते ड्रग्स के खतरे पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
जालोर | राजस्थान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर जालोर में विधिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत हुई। जालोर अभिभाषक संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सम्मान और शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन आहोर रोड स्थित विजय पैराडाइज में संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह में राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जस्टिस संदीप शाह, जालोर जजशिप के गार्जियन जज जस्टिस बिपिन गुप्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग और जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण और संकल्प
समारोह के मुख्य चरण में निर्वाचन अधिकारी बसंत कुमार गहलोत और सहायक निर्वाचन अधिकारी तरुण सिंह ने नई कार्यकारिणी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अध्यक्ष खसाराम परिहार ने आगामी कार्यकाल के लिए बार के हितों की रक्षा का संकल्प लिया। उनके साथ उपाध्यक्ष अशोक कुमार माली, सचिव विक्रम सिंह सियाणा, कोषाध्यक्ष मनमोहन, सह सचिव फरमान अली, सह कोषाध्यक्ष महेश कुमार रजक और पुस्तकालय अध्यक्ष ज्योत्सना राजपुरोहित ने भी अपने पद की गरिमा बनाए रखने की शपथ ली। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि निर्विरोध चुनाव होना जालोर बार की एकता और आपसी समझ का एक अनुपम उदाहरण है।
जस्टिस संदीप शाह का जालोर से भावनात्मक जुड़ाव
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस संदीप शाह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जालोर उनके लिए केवल एक जिला नहीं है, बल्कि यह उनकी कर्मभूमि और पहला घर रहा है। उन्होंने जालोर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए इसे तपस्वी जाबालि, महाकवि माघ और गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त की भूमि बताया। जस्टिस शाह ने कहा कि जालोर बार की गरिमा पूरे प्रदेश में प्रतिष्ठित है और यहां के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने न्याय के क्षेत्र में जो प्रतिमान स्थापित किए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे वरिष्ठों के अनुभव से सीखें और कानून की बारीकियों को समझें।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान और बार की एकता
इस विशेष समारोह में उन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने वकालत के पेशे में 45 वर्ष से अधिक का समय समर्पित किया है। न्यायाधिपतियों द्वारा इन अनुभवी अधिवक्ताओं को माला, साफा और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान को सराहा गया। सम्मानित होने वालों में गणपत सिंह राठौड़, हरिशंकर राजपुरोहित, नैनसिंह सांकरणा, स्व. मोहन सिंह राणावत (मरणोपरांत), चैनाराम चौधरी, सवाराम चौधरी, परमानंद शर्मा, चुन्नीलाल पुरोहित, सरदार खान खोखर, तिलोकचंद मेहता, शंभुदान आशिया, बसंत कुमार गहलोत, ईश्वरदान चारण, मधुसूदन व्यास और अशोक जोशी शामिल थे। गार्जियन जज जस्टिस बिपिन गुप्ता ने कहा कि बार और बेंच एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों के बीच बेहतर समन्वय से ही आमजन को त्वरित न्याय मिल सकता है।
न्यायिक कार्य संस्कृति और अनुशासन पर चर्चा
सेवानिवृत्त न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग ने जालोर बार की कार्य संस्कृति की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जालोर में सीनियर और जूनियर अधिवक्ताओं के बीच का अनुशासन और कार्य के प्रति उनकी गंभीरता सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यहां के अधिवक्ता अपने केस को लेकर बहुत अधिक फोकस्ड रहते हैं, जो किसी भी सफल न्यायिक व्यवस्था की नींव होती है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि जालोर का न्यायिक वातावरण प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक रोल मॉडल की तरह है।
ड्रग्स के विरुद्ध जिला जज की चेतावनी
जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में एक अत्यंत गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने समाज में पैर पसारते ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। न्यायाधीश गुप्ता ने कहा कि यदि ड्रग्स के इस दानव को समय रहते नहीं रोका गया, तो हमारी युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से आह्वान किया कि वे ड्रग्स के स्रोत पर प्रहार करें और नशा तस्करों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी अनुरोध किया कि वे समाज को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं और न्याय के मार्ग पर चलते हुए सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी आवाज उठाएं।
अभिभाषक संघ की नई मांगें और भविष्य की योजनाएं
नवनिर्वाचित अध्यक्ष खसाराम परिहार ने अपने स्वागत भाषण में जालोर जिले की न्यायिक आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समक्ष मांग रखी कि जालोर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोर्ट, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण और एनडीपीएस कोर्ट की स्थापना की जाए ताकि स्थानीय नागरिकों को न्याय के लिए अन्य जिलों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर्स निर्माण हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष अशोक कुमार माली के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जबकि मंच संचालन एडवोकेट रमेश सोलंकी और अश्विन राज पुरोहित ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर जिले के तमाम न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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