Highlights
- जोधपुर जिला अदालत परिसर में वकील और महिला पुलिस अधिकारी के बीच विवाद हुआ।
- पुलिस की गाड़ी से वकील की कार में मामूली टक्कर होने के बाद तकरार बढ़ी।
- अधिवक्ता महिला पुलिस अधिकारी से माफी की मांग पर अड़ गए।
- दिसंबर में भी कुड़ी भगतासनी थाने में पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी।
जोधपुर | जोधपुर जिला अदालत परिसर में शुक्रवार को अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और विवाद की स्थिति बन गई। यह पूरा घटनाक्रम एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ जिसने बड़ा रूप ले लिया।
विवाद की मुख्य वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक महिला पुलिस अधिकारी की गाड़ी ने अदालत परिसर में खड़े एक अधिवक्ता की कार को हल्की टक्कर मार दी। इस टक्कर की वजह से कार के पिछले हिस्से में मामूली क्षति हुई जिससे अधिवक्ता नाराज हो गए।
माफी की मांग पर अड़े वकील
टक्कर लगने के तुरंत बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। अधिवक्ताओं ने महिला पुलिस अधिकारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया और उनसे तुरंत माफी मांगने की मांग पर अड़ गए।
महिला पुलिस अधिकारी ने माफी मांगने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार वह उस समय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 8 के न्यायालय में पेशी के लिए आई थीं।
अदालत परिसर में हंगामा
इस घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता वहां जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले इस हंगामे के कारण न्यायिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई।
पूर्व की घटनाओं का संदर्भ
उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर महीने में भी कुड़ी भगतासनी थाने में पुलिस और वकील के बीच बड़ी झड़प हुई थी। उस समय अधिवक्ता से दुर्व्यवहार के आरोप में थानाधिकारी और कांस्टेबल को निलंबित किया गया था।
दिसंबर की घटना में बलात्कार पीड़िता के बयान दर्ज कराने के दौरान विवाद हुआ था। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच बार-बार होने वाले इन टकरावों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल जिला अदालत परिसर में शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस का व्यवहार उनके प्रति लगातार नकारात्मक बना हुआ है।
पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस गतिरोध को सुलझा लिया जाएगा।
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