राजस्थान निकाय चुनाव अपडेट: राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए सरकार तैयार, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने फरवरी में चुनाव के दिए संकेत

राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए सरकार तैयार, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने फरवरी में चुनाव के दिए संकेत
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Highlights

  • राजस्थान सरकार निकाय चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
  • मंत्री झाबर सिंह खर्रा के अनुसार निर्वाचन आयोग फरवरी में चुनाव करा सकता है।
  • सीकर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कौशल रथ को रवाना किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी कोहरे के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

सीकर | राजस्थान के शहरी विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने राज्य में आगामी निकाय चुनावों को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार और उनका विभाग चुनाव की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समय रहते पूरा कर चुका है।

मंत्री ने सीकर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार चुनाव के लिए मानसिक और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह तैयार है। उनके अनुसार स्वायत्त शासन विभाग ने अक्टूबर माह में ही अपनी ओर से चुनाव संबंधी सारी तैयारी संपन्न कर ली थी।

निकाय चुनाव पर मंत्री का बड़ा बयान

झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि अब निकाय चुनाव कराने की पूरी जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग के विवेक पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अब चुनाव प्रक्रिया के मार्ग में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा शेष नहीं रह गई है।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि निर्वाचन आयोग निर्णय लेता है तो फरवरी महीने में ही चुनाव सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकते हैं। राज्य सरकार के स्तर पर ऐसा कोई भी महत्वपूर्ण कार्य अधूरा नहीं है जो इन चुनावों के सुचारू आयोजन में किसी प्रकार की रुकावट पैदा करे।

यह बयान उस समय सामने आया है जब पूरे प्रदेश में निकाय चुनावों की संभावित तारीखों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा काफी तेज हो गई है। झाबर सिंह खर्रा बुधवार को सीकर के ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान में आयोजित कौशल रथ के भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य देश के प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाना है।

कौशल रथ के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग

मंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपनी योग्यता और कौशल को निखारने में किसी भी प्रकार की कोताही या आलस न बरतें। उन्होंने विश्वास जताया कि जब देश का युवा पूरी तरह से कौशल संपन्न होगा तभी विकसित भारत और राष्ट्र निर्माण का सपना सच हो पाएगा।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी को भी व्यक्तिगत रूप से शामिल होना था लेकिन मौसम की प्रतिकूलता ने उनका रास्ता रोक दिया। सीकर क्षेत्र में छाए घने कोहरे के कारण उनकी फ्लाइट को अंतिम समय पर डायवर्ट करना पड़ा जिससे वे कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके।

जयंत चौधरी का वीडियो संदेश

हालांकि जयंत चौधरी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश भेजा जिसे वहां मौजूद सभी लोगों को स्क्रीन पर दिखाया गया। अपने संदेश के माध्यम से उन्होंने सीकर जिले के ऐतिहासिक महत्व और यहां के लोगों के जज्बे की जमकर सराहना की।

उन्होंने विस्तार से बताया कि सीकर जिले का पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ एक बहुत ही विशेष और भावनात्मक लगाव रहा है। इसी पुराने जुड़ाव के कारण इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली लोगों को कौशल विकास विभाग के रथ से विशेष ट्रेनिंग के लिए प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है।

जयंत चौधरी ने ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि यहां बेटियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थान की कई प्रतिभावान छात्राओं को कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर

कौशल विभाग के डीजीएम संदीप कतना ने इस नई योजना की बारीकियों के बारे में वहां मौजूद लोगों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कौशल रथ एक ऐसी अभिनव पहल है जो दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य करेगी।

ये विशेष बसें पूरी तरह से अत्याधुनिक उपकरणों और उच्च स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित की गई हैं ताकि सीखने का अनुभव बेहतर हो सके। इनमें विशेष रूप से प्रशिक्षित ट्रेनर हमेशा मौजूद रहेंगे जो युवाओं को डिजिटल साक्षरता और वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण गुर सिखाने का काम करेंगे।

इस मोबाइल प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण समुदायों की महिलाओं और बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त और जागरूक बनाना है। कौशल रथ आगामी दिनों में सीकर जिले के विभिन्न गांवों का सघन भ्रमण करेगा और वहां के स्थानीय युवाओं को सीधे तौर पर प्रशिक्षित करेगा।

विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि इस रथ के माध्यम से अकेले सीकर जिले के लगभग 2500 युवाओं को गहन ट्रेनिंग देकर उन्हें प्रमाणित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल पांच दिनों तक चलेगा जिसमें नामांकित छात्रों को प्रतिदिन दो घंटे की व्यवहारिक कक्षाएं प्रदान की जाएंगी।

प्रशिक्षण की अवधि सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद सभी प्रतिभागियों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आधिकारिक सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे। यह सर्टिफिकेट युवाओं को भविष्य में बेहतर रोजगार प्राप्त करने और अपना स्वयं का लघु उद्यम शुरू करने में मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री झाबर सिंह खर्रा और पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद ने स्वयं कौशल रथ के भीतर जाकर वहां उपलब्ध सभी तकनीकी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने रथ में लगे लैपटॉप को चलाकर देखा और वहां मौजूद डिजिटल प्रोग्राम की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से पूछताछ की।

इस अवसर पर सीकर जिले के भारी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र उपस्थित रहे जिन्होंने सरकार की इस नई और सकारात्मक पहल का दिल से स्वागत किया। सरकार का अटूट विश्वास है कि ऐसे जमीनी प्रयासों से ही ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास की एक नई और प्रभावी लहर पैदा होगी।

मंत्री ने अपने संबोधन के समापन में दोहराया कि विकास कार्यों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निकाय चुनाव के समय पर आयोजन से स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक व्यवस्था और भी अधिक मजबूत होगी।

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